डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी: हमले की पूरी तैयारी थी लेकिन खाड़ी देशों के कहने पर कुछ दिन रुका

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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरान पर एक बहुत बड़ा और विनाशकारी सैन्य हमला करने के बिल्कुल करीब थी और वे खुद इस हमले का अंतिम आदेश देने से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर थे। हालांकि ऐन वक्त पर सऊदी अरब कतर और संयुक्त अरब अमीरात यूएई जैसे खाड़ी देशों के नेताओं के अनुरोध के बाद उन्होंने इस हमले को फिलहाल के लिए टाल दिया है क्योंकि ईरान के साथ इस समय पर्दे के पीछे गंभीर बातचीत चल रही है।

सिर्फ एक घंटे की दूरी पर था अमेरिका का बड़ा हमला

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि हमारी पूरी तैयारी हो चुकी थी और अमेरिकी फाइटर जेट्स उड़ान भरने ही वाले थे। ट्रंप के मुताबिक खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया और कहा कि ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव लेकर आया है इसलिए बातचीत को एक आखिरी मौका दिया जाना चाहिए। सहयोगियों की बात का सम्मान करते हुए ट्रंप ने हमले को रोक दिया लेकिन उन्होंने अपनी सेना को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तरह मुस्तैद रहें। अगर बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो बिना किसी देरी के तुरंत ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया जाएगा।

वीकेंड तक का अल्टीमेटम और परमाणु हथियार न बनाने की शर्त

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए इस हफ्ते के अंत यानी वीकेंड तक का समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि वे इस युद्ध को बिना किसी बमबारी के सुलझाना चाहते हैं और अगर ईरान बिना किसी चालाकी के समझौता कर लेता है तो उन्हें खुशी होगी। अमेरिका की सबसे मुख्य शर्त यह है कि ईरान को अपना सारा संवर्धित यूरेनियम तुरंत अमेरिका को सौंपना होगा और अपने परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह बंद करना होगा ताकि वह कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी लिखा था कि समय बहुत कम है और अगर ईरान ने जल्द ही सही फैसला नहीं लिया तो वहां कुछ भी नहीं बचेगा।

ईरान की जवाबी चेतावनी और नए मोर्चे खोलने की धमकी

दूसरी तरफ ट्रंप के इस आक्रामक रुख पर ईरान ने भी बेहद कड़ा पलटवार किया है। ईरान की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमानिया ने कहा है कि अगर अमेरिका ने दोबारा उनके देश पर हमला करने की मूर्खता की तो वे अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ कई नए मोर्चे खोल देंगे। ईरान का कहना है कि वे किसी भी ताकत के आगे झुकने वाले नहीं हैं और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए नए हथियारों और नई रणनीतियों के साथ जवाब देंगे। इसके साथ ही ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग यानी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर दिया है जिससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है।

खाड़ी देशों की मध्यस्थता और युद्ध रोकने की आखिरी कोशिश

विशेषज्ञों के अनुसार इस समय सऊदी अरब और कतर जैसे देश इस युद्ध को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं क्योंकि अगर अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर पूर्ण युद्ध शुरू होता है तो इसका सबसे बुरा असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ेगा। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक 14 सूत्रीय नया शांति प्रस्ताव भेजा है जिसमें प्रतिबंधों को हटाने और युद्ध को समाप्त करने की बात कही गई है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान का यह प्रस्ताव अभी भी उनकी मुख्य शर्तों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं करता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस वीकेंड तक बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या फिर यह क्षेत्र एक विनाशकारी युद्ध की आग में झुलसने वाला है।

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