नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एनेक्स में सोमवार को वी.के. पाहुजा एनुअल स्विमिंग स्टैटिस्टिकल बुलेटिन के 46वें संस्करण का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर करमा लेकलैंड्स गोल्फ रिज़ॉर्ट एंड रेजिडेंसेज़ के संस्थापक एवं सीईओ अश्विनी खुराना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अंडरवॉटर स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित डॉ. तपन कुमार पाणिग्रही तथा वरिष्ठ खेल पत्रकार राकेश राव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा पूर्व डीसीपी दयानंद सिंघल और द हिंदू के पूर्व डिप्टी स्पोर्ट्स एडिटर कामेश श्रीनिवासन भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
भारतीय तैराकी के दिग्गजों और उभरती प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह के दौरान बुलेटिन की पहली प्रति भारत के सबसे वरिष्ठ डाइविंग अधिकारी पी.डी. दत्ता को भेंट की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच युवा तैराकों—ऑसम, आर्यन लांबा, गर्व्यानश शर्मा, एताश कराकुला और वीर भारिया—को सम्मानित किया गया। साथ ही पैरा स्विमिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले अमन शर्मा, रेवंश अडलखा, सानवी राय और लक्ष्य रावत को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने भारतीय तैराकी के उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश की।
बुलेटिन में खेल इतिहास, प्रेरणादायक साक्षात्कार और विशेष लेख
460 पृष्ठों में प्रकाशित इस विशेष बुलेटिन में अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रसांता कर्माकर, पैरा तैराक सानवी राय और लक्ष्य रावत के विशेष साक्षात्कार शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आगामी एशियाई खेलों पर एक विस्तृत लेख तथा भारतीय खेलों के महान समर्थक, ओलंपियन और आईओसी सदस्य रहे रणधीर सिंह को श्रद्धांजलि भी प्रकाशित की गई है। यह संस्करण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि भारतीय तैराकी और खेल जगत के इतिहास, उपलब्धियों और प्रेरणाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज बनकर सामने आया है।
स्वास्थ्य, पर्यावरण और अनुशासन का संदेश
मुख्य अतिथि अश्विनी खुराना ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य और फिटनेस को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकालने की अपील की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को दिन में कई बार झुकना चाहिए—पहली बार अपने अहंकार को त्यागने के लिए और दूसरी बार धरती मां को स्वच्छ रखने हेतु कचरा उठाने के लिए। वहीं राकेश राव ने स्वर्गीय वी.के. पाहुजा के योगदान और उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय तैराकी के आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से संरक्षित करने की अनूठी परंपरा स्थापित की।
तैराकी समुदाय के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज
डॉ. तपन कुमार पाणिग्रही ने कहा कि तैराकी जैसे खेलों में एक सेकंड का अंश भी परिणाम बदल सकता है और ऐसे में सांख्यिकीय जानकारी का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। उन्होंने इस बुलेटिन को पूरे तैराकी समुदाय के लिए ‘मार्गदर्शक प्रकाश’ बताया। उनके अनुसार इसमें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड तथा परिणामों का विस्तृत संकलन मौजूद है, जो खिलाड़ियों को लक्ष्य निर्धारित करने और प्रदर्शन में सुधार लाने में मदद करता है। कार्यक्रम में मौजूद कोचों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने भी इस प्रकाशन की उपयोगिता की सराहना की।
स्वर्गीय वी.के. पाहुजा की विरासत को आगे बढ़ा रहा है बुलेटिन
यह बुलेटिन स्वर्गीय वी.के. पाहुजा की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने भारतीय तैराकी के सांख्यिकीय दस्तावेजीकरण की इस अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी। वे राष्ट्रीय पदक विजेता तैराक, अंतरराष्ट्रीय वॉटर पोलो खिलाड़ी, फिना इंटरनेशनल वॉटर पोलो रेफरी और स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक सांख्यिकीविद् रहे थे। वर्तमान में इस बुलेटिन का संकलन लेडी श्रीराम कॉलेज की प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय तैराक डॉ. मीनाक्षी पाहुजा द्वारा किया जा रहा है, जिन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके साथ प्रियंक पाहुजा, डॉ. सुप्रिया पाहुजा और पूरा पाहुजा परिवार इस विरासत को समर्पण और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ा रहा है। खेल इतिहास, अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड, स्वास्थ्य संबंधी लेखों और 90 वर्षों के भारतीय तैराकी रिकॉर्ड्स से सुसज्जित यह बुलेटिन देश में अपने प्रकार का एकमात्र और अत्यंत मूल्यवान संदर्भ ग्रंथ माना जाता है।
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