भारतीय हॉकी में एक बार फिर तूफान उठा है। एक वरिष्ठ पदाधिकारी पर आरोप है कि वह महिला खिलाड़ियों के साथ अश्लील व्यवहार करता है। लेकिन यह पहली बार नहीं हो रहा। पहले भी हॉकी इंडिया के अधिकारी, कोच, सपोर्ट स्टाफ ने महिला खिलाड़ियों के साथ बदजुबानी की, उनको अपनी गंदी मानसिकता का शिकार बनाने के प्रयास किए। मामले प्रकाश में आए और फिर अपने आप ठंडे भी पड़ गए। हैरानी वाली बात यह है कि देश में हॉकी के बड़े-छोटे ठेकेदार भ्रष्ट, बदनीयत और लंपट प्रवृति के अधिकारी और कोचों पर आज तक कोई कारवाई नहीं कर पाए।
कुछ पूर्व खिलाड़ियों की मानें तो महिला खिलाड़ी किसी भी खेल में सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए क्योंकि खेल संघों, भारतीय खेल प्राधिकरण और यहां तक कि खेल मंत्रालय में ऐसे लोगों की बहुतायत है, जो कि शिकायतों को दबाने, छिपाने, फाइलों में बंद करने में ज्यादा विश्वास करते हैं। हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, कुश्ती, जूडो, कराटे, तायक्वांडो और तमाम खेलों में सैकड़ों मामले प्रकाश में आए। कुछ दिन तक फाइलें इधर-उधर दौड़ाई जाती है, शिकायत कर्ता खिलाड़ी को हैरान परेशान किया जाता है और अंतत: पीड़ित खिलाड़ी को समझा-बुझा कर, डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है। हॉकी की कुछ अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को लगता है कि उनके खेल में कोई भी खिलाड़ी सुरक्षित नहीं है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि अपराधी और नीच प्रवृति के शैतानों पर कोई कारवाई नहीं होती।
इस पत्रकार ने दर्जन भर खेलों से जुड़े सैकड़ों खिलाड़ियों से बातचीत के बाद पाया कि उन्हें कदम-कदम पर बदनीयत कोचों और अधिकारियों से निपटना पड़ता है। यदि उनकी बात नहीं मानी जाती तो राज्य और राष्ट्रीय टीम से नाम कट जाता है। बेशक, यह उस देश के लिए शर्म की बात है, जो कि खेलों में लगातार पिछड़ रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि तमाम खेल संघ भ्रष्ट, दुराचारी, लुटेरों और नियमों से खिलवाड़ करने वाले प्रशासकों द्वारा चलाए जा रहे हैं। जो लोग भारतीय खेलों के सर्वनाश के कारणों को जानना चाहते हैं उन्हें देश के खेलों में महिला खिलाड़ियों की पीड़ा को समझना होगा। सैकड़ों शिकायतें फाइलों में क्यों बंद हैं? क्यों महिला खिलाड़ी खेलों को अपनाने में हिचकिचाती हैं? क्यों हम नशाखोरी (डोपिंग) में दुनिया के सबसे बदनाम राष्ट्र घोषित हैं और क्यों उम्र की चोरी में हम अव्वल हैं? किसी को तो जवाब देना ही होगा।
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
