NEET UG 2026 पेपर लीक मामला: ग्रेस मार्क्स से 12वीं पास करने वाले बेटे के लिए पिता ने ‘खरीदा’ था पेपर

NEET UG 2026

NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर जारी विवादों के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर पेपर लीक गिरोह से सौदा किया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस छात्र के लिए यह पूरी साजिश रची गई, उसने अपनी 12वीं की परीक्षा बमुश्किल ‘ग्रेस मार्क्स’ की मदद से पास की थी।

लाखों में हुआ था पेपर का सौदा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिता ने कबूल किया है कि उसने परीक्षा से ठीक एक रात पहले प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए पेपर लीक माफिया को भारी रकम दी थी। आरोपी ने बताया कि वह अपने बेटे का भविष्य सुरक्षित करना चाहता था और उसे यकीन था कि बिना लीक पेपर के उसका बेटा इस कठिन परीक्षा को पास नहीं कर पाएगा। सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा करीब 30 से 50 लाख रुपये के बीच हुआ था।

ग्रेस मार्क्स से पास छात्र और डॉक्टर बनने का सपना

जांच के दौरान जब आरोपी के बेटे के शैक्षणिक रिकॉर्ड खंगाले गए, तो एक बड़ी विसंगति सामने आई। छात्र ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बहुत ही औसत प्रदर्शन किया था और कुछ विषयों में वह फेल होने की कगार पर था, जिसके बाद उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि एक औसत छात्र को सीधे मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने की यह कोशिश न केवल अवैध है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की शुचिता पर भी बड़ा प्रहार है।

जांच के घेरे में अन्य छात्र और गिरोह
इस गिरफ्तारी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय पुलिस अब उन अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जो इस पेपर लीक गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं।

नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब उस मुख्य सरगना की तलाश कर रही है जिसने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।

डिजिटल सबूत: आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट्स से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या और भी छात्रों ने इसी तरह पेपर खरीदा था।

परीक्षा की विश्वसनीयता: इस खुलासे के बाद एक बार फिर NEET परीक्षा को रद्द करने और दोबारा आयोजित करने की मांग तेज हो गई है।

अभिभावकों के बढ़ते दबाव का परिणाम?
यह मामला समाज की उस कड़वी हकीकत को भी दर्शाता है जहाँ अभिभावक अपने बच्चों पर करियर का इतना दबाव डाल देते हैं कि वे अपराध का रास्ता चुनने से भी पीछे नहीं हटते। शिक्षाविदों का मानना है कि ग्रेस मार्क्स से पास होने वाले छात्र को जबरन मेडिकल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में धकेलना न केवल छात्र के लिए मानसिक प्रताड़ना है, बल्कि भविष्य में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा भी है।

फिलहाल, आरोपी और उसके बेटे दोनों से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस रैकेट के पीछे के बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा। सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय किया जाएगा।

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