दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस सदी की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदा की खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला के उत्तर-मध्य हिस्से में आए दो बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, पहला झटका रिक्टर पैमाने पर 7.2 की तीव्रता का था, जिसके ठीक 39 सेकंड बाद उसी इलाके में 7.5 की तीव्रता का एक और भीषण मुख्य झटका आया। महज 40 सेकंड के भीतर आए इन दो बैक-टू-बैक भूकंपों ने राजधानी काराकास समेत कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है और मलबे के नीचे हजारों लोगों के दबे होने के कारण 1,000 से 10,000 से भी अधिक मौतों की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
आसमान में उठा धूल का गुबार, ताश के पत्तों की तरह ढही इमारतें
स्थानीय समयानुसार यह हादसा बुधवार शाम करीब 6:00 बजे हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, पहले लोगों को हल्के झटके महसूस हुए, लेकिन देखते ही देखते धरती इतनी तेजी से डोलने लगी कि बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में काराकास के पॉश इलाके अल्तामीरा और लॉस पालोस ग्रांडेस में कई ऊंची इमारतें पूरी तरह जमींदोज होती दिखाई दे रही हैं। भूकंप के तुरंत बाद पूरी राजधानी में धूल का एक विशाल गुबार छा गया। बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ने से कई इलाकों में ब्लैकआउट हो गया है और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए हैं।
हवाई अड्डा बंद, गैस सप्लाई रोकी गई और सेना तैनात
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राजधानी की सेवा करने वाले मुख्य ‘सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ की इमारत को भारी संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। देश भर के स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मलबे के नीचे आग लगने और ब्लास्ट की घटनाओं को रोकने के लिए पूरे काराकास शहर की गैस सप्लाई को बंद कर दिया गया है और मेट्रो सेवाओं को भी रोक दिया गया है। आंतरिक मामलों के मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने लोगों से अपील की है कि वे अभी अपने घरों के अंदर न जाएं, क्योंकि लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स कमजोर हो चुकी इमारतों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हजारों मौतों की आशंका और अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील
कम्युनिकेशन सिस्टम ठप होने के कारण अभी तक सरकार की तरफ से मौतों का कोई सटीक आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आपदा निगरानी संस्थाओं और यूएसजीएस के पेजर सिस्टम ने अनुमान लगाया है कि इस भीषण आपदा में मरने वालों की संख्या 1,000 से लेकर 10,000 के बीच हो सकती है, जबकि 11% आशंका इसके 1 लाख पार होने की भी है। हजारों की संख्या में लोग घायल हैं और कई लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए देश की सेना और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की गई हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं अल साल्वाडोर ने 300 बचावकर्मियों की टीम और 50 टन राहत सामग्री भेजने का एलान किया है, वहीं अमेरिका ने भी खोज और बचाव दलों के साथ चिकित्सा सहायता भेजने की घोषणा की है।
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