कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बिंद्यारानी देवी ने दिखाई जुझारू खेल भावना, कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में डाली एक और सफलता

Sports News 24

New Delhi: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 58 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई। इस उपलब्धि के साथ भारत के खाते में प्रतियोगिता का छठा पदक जुड़ गया, जबकि वेटलिफ्टिंग में यह भारत का पांचवां पदक रहा। बिंद्यारानी ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव की परिस्थितियों में भी वह बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।

स्नैच में मजबूत शुरुआत, क्लीन एंड जर्क में दमदार वापसी

बिंद्यारानी ने स्नैच राउंड में लगातार तीन सफल प्रयास किए। उन्होंने क्रमशः 83, 85 और 87 किलोग्राम वजन उठाकर खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा, हालांकि इस चरण के बाद वह चौथे स्थान पर थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में कांस्य पदक के लिए उनकी सीधी टक्कर इंग्लैंड की एलिजा प्रैट से रही। पहले प्रयास में 110 किलोग्राम वजन उठाने के बावजूद तकनीकी त्रुटि के कारण वह लिफ्ट अमान्य घोषित कर दी गई। इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। अंतिम प्रयास में 116 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश सफल नहीं रही, लेकिन कुल 199 किलोग्राम के प्रदर्शन के साथ उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। एलिजा प्रैट 196 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

नाइजीरिया की लावाल ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए जीता स्वर्ण

इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक नाइजीरिया की राफियातु फोलाशादे लावाल ने अपने नाम किया। विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता लावाल ने स्नैच में 103 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 229 किलोग्राम का भार सफलतापूर्वक उठाया। उनके इस प्रदर्शन ने राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल दोनों का नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। वहीं कनाडा की ऐन-सोफी ताशेरो ने कुल 215 किलोग्राम वजन के साथ रजत पदक हासिल किया और पूरे मुकाबले में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

बर्मिंघम की सफलता के बाद ग्लासगो में भी पोडियम पर बिंद्यारानी

बिंद्यारानी देवी ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी निरंतरता साबित की है। 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद इस बार उन्होंने नए भारवर्ग में उतरकर कांस्य पदक हासिल किया। भारवर्ग बदलने के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा और उन्होंने कठिन मुकाबले में धैर्य तथा तकनीकी मजबूती का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय वेटलिफ्टिंग दल का शानदार अभियान और मजबूत हुआ है।

भारतीय वेटलिफ्टिंग की लगातार बढ़ रही चमक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर्स लगातार पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। मीराबाई चानू, ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव के बाद अब बिंद्यारानी देवी ने भी पोडियम पर जगह बनाकर भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने न केवल पदक तालिका में भारत की स्थिति बेहतर की है, बल्कि आगामी मुकाबलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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