सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके जयपुर में हुई मारपीट के बाद क्या बोले?

abhijeet

जयपुर में हुए एक प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की घटना ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा छेड़ दी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस बीच अभिजीत दीपके ने भी पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और साफ कहा कि वह इस घटना से डरने वाले नहीं हैं।

बताया जा रहा है कि जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों ने अभिजीत दीपके के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक घटना का वीडियो रिकॉर्ड हो चुका था, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

घटना के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि वह अपने विचारों और आंदोलन को लेकर पहले भी स्पष्ट थे और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि हिंसा या डर दिखाकर उन्हें चुप कराया जा सकता है, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। उनके मुताबिक, विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, न कि हाथ उठाकर।

उन्होंने अपने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की। उनका कहना था कि गुस्से में आकर कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे माहौल और खराब हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि असहमति जताने के लिए हिंसा का रास्ता चुना जाए।

अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से वह शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी वजह से उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वह इसे अपने रास्ते की बाधा नहीं मानते। उनका कहना है कि अगर किसी मुद्दे पर लोगों का समर्थन मिल रहा है, तो उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

मारपीट की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में कई पोस्ट देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

हालांकि कुछ लोग अभिजीत दीपके के विचारों से सहमत नहीं हैं, लेकिन उनका भी मानना है कि विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए। यही वजह है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हुए हमले तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और विरोध के तरीकों पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े वीडियो तथा अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के बाद यह साफ हो पाएगा कि आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे कौन लोग थे।

इस बीच अभिजीत दीपके ने साफ शब्दों में कहा है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके अनुसार, अगर किसी मुद्दे को लेकर आवाज उठाई गई है तो उसे बीच रास्ते में नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी रहेगा, लेकिन वह हमेशा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से ही अपनी बात रखते रहेंगे।

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