New Delhi: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स को ट्रिपल जंप स्पर्धा में बड़ी सफलता मिली। अनुभवी एथलीट प्रवीण चित्रावेल ने पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया, जबकि 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी सेल्वा प्रभु ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर शानदार शुरुआत की। ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने एक साथ दो पदक जीतकर एथलेटिक्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वहीं जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
चार साल पुराना दर्द मिटाकर प्रवीण ने हासिल किया रजत पदक
प्रवीण चित्रावेल के लिए यह पदक बेहद खास रहा। बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह केवल तीन सेंटीमीटर के अंतर से पदक जीतने से चूक गए थे। उस समय उन्होंने 16.89 मीटर की छलांग लगाई थी, जबकि कांस्य पदक विजेता ने 16.92 मीटर का प्रयास किया था। इस बार प्रवीण ने चौथे प्रयास में 16.58 मीटर की छलांग लगाकर अपने करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक हासिल किया और चार साल पहले की निराशा को सफलता में बदल दिया। हालांकि उन्होंने माना कि ठंडे मौसम के कारण वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक नहीं पहुंच सके, लेकिन देश के लिए पदक जीतने की खुशी उनके लिए सबसे बड़ी रही।
सेल्वा प्रभु ने डेब्यू में दिखाया दम, जीता कांस्य पदक
21 वर्षीय सेल्वा प्रभु ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने पांचवें प्रयास में 16.52 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। सेल्वा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 15.87 मीटर से की और फिर लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 16.17 मीटर और 16.43 मीटर की छलांग लगाई। चौथा प्रयास फाउल होने के बावजूद उन्होंने वापसी की और पांचवें प्रयास में पदक पक्का कर लिया। न्यूजीलैंड के एथलीट ईथन ओलिवियर 16.50 मीटर की छलांग के साथ बेहद मामूली अंतर से चौथे स्थान पर रहे।
कठिन परिस्थितियों में भारत की बड़ी उपलब्धि
ग्लासगो में 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के ठंडे मौसम के कारण खिलाड़ियों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाना आसान नहीं था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। मुकाबले के बाद सेल्वा प्रभु ने इस पदक को अपने माता-पिता का सपना बताया। उन्होंने खुलासा किया कि खेलों से कुछ दिन पहले उन्हें डायरिया की समस्या हुई थी, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित हुई थी। वहीं प्रवीण चित्रावेल ने कहा कि मौसम की वजह से उनका शरीर पूरी तरह तालमेल नहीं बिठा सका, लेकिन देश के लिए रजत पदक जीतना उनके लिए गर्व की बात है। ट्रिपल जंप में भारत की यह डबल पोडियम फिनिश कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक और यादगार उपलब्धि बन गई।
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Ms. Pooja, |
