पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद पंजाब सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा में कटौती किए जाने के फैसले को हरभजन सिंह ने कोर्ट में चुनौती दी है।
क्या है पूरा विवाद?
हरभजन सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य सरकार ने बिना किसी नए खतरे के आकलन (Threat Assessment) और पूर्व सूचना के उनकी सुरक्षा हटा दी। याचिका के अनुसार सुरक्षा हटाए जाने के तुरंत बाद 25 और 26 अप्रैल को जालंधर स्थित उनके आवास पर एक भीड़ ने हमला किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने घर की दीवारों पर ‘गद्दार’ स्प्रे पेंट से लिख दिया। हरभजन सिंह का कहना है कि घटना के समय स्थानीय पुलिस मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही और उसने भीड़ को रोकने का प्रयास नहीं किया।
हाईकोर्ट का रुख
मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हरभजन सिंह और उनके परिवार के पंजाब में रहने के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचे।
कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि सुरक्षा हटाने से पहले किस आधार पर समीक्षा की गई थी और घर पर ‘गद्दार’ लिखे जाने की घटना पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
मौजूदा स्थिति
राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को सीआरपीएफ (CRPF) की सुरक्षा मुहैया कराई है। हालांकि हरभजन सिंह ने राज्य पुलिस की सुरक्षा बहाल करने की मांग की है।
वहीं राज्य सरकार का पक्ष है कि हरभजन सिंह वर्तमान में पंजाब में नहीं रहते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद हरभजन सिंह का परिवार जिसमें उनकी बुजुर्ग माता पत्नी और बच्चे शामिल हैं दहशत में है।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1