प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बेहद असाधारण और चौंकाने वाली अपील की है, जिसने पूरे देश के बाजारों और परिवारों में चर्चा छेड़ दी है। हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारतीयों से अगले **एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने** का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री की इस अपील को अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट और भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के मास्टरप्लान के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों की पीएम मोदी ने यह अपील?
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वैश्विक तनाव (विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष) की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, जिसके लिए भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) खर्च होती है।
विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव:** भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने के आयात पर हर साल अरबों डॉलर खर्च होते हैं। पीएम मोदी का मानना है कि अगर लोग एक साल तक सोना खरीदना बंद कर दें, तो देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा, जिसका इस्तेमाल संकट के समय तेल और अन्य जरूरी चीजों के लिए किया जा सकेगा।
राष्ट्रीय कर्तव्य का आह्वान: पीएम ने कहा, “चाहे घर में कोई भी फंक्शन हो, अगले एक साल तक हमें सोना न खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। यह समय देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का है।”
ट्रम्प की नीतियों और वैश्विक बाजार का असर**
पीएम मोदी की यह अपील ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताकर खारिज कर दिया है।
1. ट्रम्प को परोक्ष जवाब: ट्रम्प के कड़े रुख के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है और डॉलर मजबूत हो रहा है। पीएम मोदी ने आयात कम करने की अपील करके यह संकेत दिया है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए ‘आत्मनिर्भर’ रास्ते पर चलेगा।
2. टैरिफ और व्यापार युद्ध: ट्रम्प की टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में अस्थिरता है। भारत इस स्थिति में अपने ‘करंट अकाउंट डेफिसिट’ (CAD) को नियंत्रित रखना चाहता है।
देश के लिए पीएम के अन्य ‘संयम’ सुझाव**
सोने के अलावा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को कुछ अन्य बचत के तरीके भी सुझाए हैं:
Work From Home: ईंधन बचाने के लिए कंपनियों से वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देने की अपील की।
विदेश यात्राएं टालें: अनावश्यक विदेशी दौरों और छुट्टियों को एक साल के लिए स्थगित करने को कहा।
खाद्य तेल का कम उपयोग: भारत खाद्य तेल का भी बड़ा आयातक है, इसलिए इसके विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी।
बाजार में क्या है स्थिति?
प्रधानमंत्री की अपील के बाद सराफा बाजारों में सन्नाटा देखा जा रहा है। हालांकि, अक्षय तृतीया और शादियों के सीजन के कारण ज्वेलर्स चिंतित हैं। जानकारों का कहना है कि:
डिजिटल गोल्ड का विकल्प: एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि अगर निवेश ही करना है, तो भौतिक सोने (Physical Gold) के बजाय गोल्ड बॉन्ड्स या ETFs में निवेश करें, क्योंकि इससे आयात पर दबाव नहीं पड़ता।
कीमतों पर असर: इस अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई है, क्योंकि भारत की मांग घटने के डर से निवेशक सतर्क हो गए हैं।
मोदी की यह अपील केवल एक वित्तीय सुझाव नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत की ‘इकोनॉमिक वॉर चेस्ट’ (आर्थिक युद्ध भंडार) को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। अब देखना यह है कि भारतीय जनता अपनी सोने के प्रति चाहत को देशहित के लिए कितना रोक पाती है।
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