आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग न सिर्फ काम जल्दी-जल्दी करते हैं, बल्कि खाना भी बहुत तेजी से गटक जाते हैं। टीवी देखते हुए, फोन चलाते हुए या जल्दबाजी में अक्सर लोग भोजन को बिना ठीक से चबाए ही निगल लेते हैं। हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि एक निवाले को कम से कम 32 बार चबाकर खाना चाहिए। आयुर्वेद और आधुनिक साइंस दोनों ही इस बात को बिल्कुल सही मानते हैं। जब आप भोजन को आराम से और अच्छी तरह चबाकर खाते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए किसी चमत्कार से कम काम नहीं करता।
पाचन तंत्र बनता है मजबूत और खत्म होती है गैस
पाचन क्रिया की शुरुआत हमारे पेट से नहीं, बल्कि हमारे मुंह से ही शुरू हो जाती है। जब हम खाने को ज्यादा देर तक चबाते हैं, तो मुंह में बनने वाली लार (सलाइवा) भोजन में अच्छी तरह मिल जाती है। इस लार में खास तरह के एंजाइम्स होते हैं जो कार्बोहाइड्रेट और फैट को मुंह में ही तोड़ने लगते हैं। इससे पेट को खाना पचाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। खाना आसानी से पच जाता है और गैस, एसिडिटी व पेट फूलने जैसी दिक्कतें बिल्कुल खत्म हो जाती हैं।
वजन घटाने में मिलती है सीधी मदद
जो लोग तेजी से खाना खाते हैं, वे अक्सर जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं। जब हम खाना शुरू करते हैं, तो हमारे दिमाग तक यह संदेश पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है कि पेट भर चुका है। जब आप धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाते हैं, तो आपका दिमाग सही समय पर सिग्नल दे देता है। इससे आप ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाने से बच जाते हैं, जिससे वजन अपने आप नियंत्रित रहने लगता है और पेट की चर्बी नहीं बढ़ती।
पोषक तत्वों का शरीर में बेहतर अवशोषण
जब भोजन बारीक पीसकर पेट में जाता है, तो हमारी आंतें उसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों को बहुत आसानी से सोख लेती हैं। बड़े-बड़े टुकड़ों को पचाना पेट के लिए मुश्किल होता है, जिससे कई बार पौष्टिक खाना खाने के बावजूद शरीर को उसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता। चबाकर खाने से भोजन का पूरा पोषण आपके शरीर को मिलता है, जिससे शरीर में कमजोरी नहीं आती और एनर्जी बनी रहती है।
दांत और मसूड़े रहते हैं मजबूत
ज्यादा देर तक खाना चबाने से मसूड़ों की एक तरह से कसरत हो जाती है। जब आप चबाते हैं, तो मुंह में ज्यादा लार बनती है। यह लार दांतों के बीच फंसी गंदगी को साफ करने में मदद करती है और मुंह के अंदर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करती है। इससे मसूड़ों में खून का बहाव सही रहता है, दांतों में सड़न नहीं होती और सांसों की बदबू से भी बचाव होता है।
तनाव कम होता है और खाने का असली स्वाद मिलता है
जब आप टीवी और फोन बंद करके केवल अपने भोजन पर ध्यान देते हैं और उसे चबाकर खाते हैं, तो आप खाने के असली स्वाद, महक और टेक्सचर का आनंद ले पाते हैं। इसे ‘माइंडफुल ईटिंग’ भी कहा जाता है। शांत मन से धीरे-धीरे खाना खाने से दिमाग शांत रहता है, तनाव कम होता है और खाने के बाद मन को एक अजीब सी तृप्ति और खुशी मिलती है।
आज ही से शुरू करें यह आसान आदत
चबाकर खाने की आदत डालने के लिए बहुत मेहनत की जरूरत नहीं है। बस खाते समय अपने हाथों में छोटे निवाले लें, मुंह में निवाला डालते ही चम्मच या रोटी को प्लेट में रख दें और जब तक भोजन पूरी तरह से पेस्ट या तरल न बन जाए, तब तक उसे चबाते रहें। शुरुआत में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपकी आदत बन जाएगी और आपका शरीर पहले से बहुत ज्यादा हल्का और तंदुरुस्त महसूस करेगा।
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