New Delhi: डिजिटल युग में कामकाज का तरीका तेजी से बदल रहा है और अधिकांश लोग दिन का बड़ा हिस्सा कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर बिताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार घंटों तक बैठे रहना शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यही वजह है कि अब नियमित अंतराल पर उठकर चलने-फिरने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर 30 मिनट में कुछ मिनट की वॉक शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकती है।
मेटाबॉलिज्म और ब्लड सर्कुलेशन को मिलता है फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। वहीं, थोड़ी देर टहलने से मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहता है और शरीर कैलोरी को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है। इसके साथ ही पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में रक्त संचार भी बेहतर होता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है और कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं।
रीढ़, जोड़ों और ब्लड शुगर पर सकारात्मक असर
ऑफिस में लगातार बैठकर काम करने वाले लोगों को अक्सर गर्दन, कमर और कंधों में दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे में बीच-बीच में लिया गया वॉकिंग ब्रेक शरीर की जकड़न को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा भोजन के बाद हल्की गतिविधि करने से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिलती है, जो मधुमेह के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
मानसिक तनाव कम कर बढ़ाता है उत्पादकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे-छोटे वॉकिंग ब्रेक केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं। कुछ मिनट की सैर दिमाग को तरोताजा करती है, तनाव कम करती है और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है। यही कारण है कि अब कई कंपनियां भी कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर अपनी सीट से उठकर थोड़ा चलने की सलाह दे रही हैं, ताकि उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य दोनों बेहतर बने रहें।
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