“भारत विज़न ओलंपिक 2036 की मेजबानी और पदकों का अम्बार लगाने का सपना देख रहा है लेकिन देश के खेल आकाओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि पदक पेड़ पर नहीं लगते , जाओ और तोड़ लाओ l ” यहाँ दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पेफी द्वारा आयोजित ‘पावरिंग इंडियाज राइज एज ए ग्लोवल सपोर्टिंग सुपर पावर ‘ विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पेफी के चेयर मैन डॉक्टर एके उप्पल की इस प्रतिक्रिया का समर्थन अन्य खेल हस्तियों ने भी किया l कुश्ती द्रोणाचार्य महासिंह राव, हॉकी द्रोणाचार्य डॉक्टर अजय बंसल, महान हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यान चंद, तैराकी द्रोणाचार्य तपन पानीग्राही , कुश्ती द्रोणाचार्य सुजीत मान और भारतीय पैराशूटिंग कोच सुभाष राणा
सहित तमाम हस्तियों ने पेफी द्वारा आयोजित पैनल चर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने का सफर बहुत लम्बा है l जरुरत इस बात की है कि आज और अभी से प्रयास शुरू किए जाएं क्योंकि 2036 में भारत की भागीदारी करने वाले खिलाड़ी शायद अभी प्राथमिक कक्षा में होगे l दस साल बाद उनके अंदर का चैंपियन मैदान में उतरेगा तो तब तक बहुत कुछ बदल चुका होगा l सभी चैंपियनों ने माना कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है l इस बदलाव को युवा खिलाड़ी भी देख समझ रहे हैं लेकिन यदि वे सचमुच भारत को खेल महाशक्ति के रूप में देखना चाहते हैं तो उम्र की धोखाधड़ी और डोप से बचना होगा l अर्थात पाक साफ भारत ही असल विजेता बनेगा l
डाक्टर उप्पल ने इस मौके पर चीन से सीखने की सलाह दी तो अशोक ध्यानचंद ने खेल अकादमियों और स्कूलो में खेल सुधार पर जोर दिया l महासिंह राव की राय में देश के उभरते खिलाड़ी यदि उम्र की धोखाधड़ी और नशाखोरी से बच जाते हैं तो ओलंपिक आयोजन और अधिकाधिक पदक जीतने का सपना साकार हो सकता है l डाक्टर पानीग्राही ने साधन सुविधाओं की कमी को तैराकी के लिए बाधा बताया और कहा कि देश में तैराकी अत्याधुनिक सुविधाओं, स्तरीय तरण तालों की कमी की शिकार है l सुभाष राणा की राय में यदि खिलाड़ियों को जरुरी सुविधाएं मिलें तो हम ओलिंपिक पदकों की दौड़ में चीन जैसी कामयाबी पा सकते हैं l
सुजीत ने कहा कि कुश्ती में पदक आते रहे हैं लेकिन 2036 तक हमें हर भार वर्ग में अधिकाधिक पहलवान् तैयार करने होंगे l हमारे पास दस साल हैं लेकिन प्रयास ईमानदारी से किए जाएं तो खेल शक्ति बन सकते हैं l
सभी खेल हस्तियों ने पेफी के महासचिव पियूष जैन के प्रयासों को सराहा l स्वयं खेल मंत्री मांडवीया ने माना कि पियूष जैन देश के खेलों में बड़ा योगदान दे रहे हैं l
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
