सिर्फ क्रिकेट, बाकी के लिए दरवाजे बंद

Sports News 2026 04 10T082533.217

‘स्थानीय खेल’, ‘महानगर खेल’, ‘लोकल स्पोर्ट्स’ जैसे शीर्षक से विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में खबरें छपने, छापने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। देश के सभी छोटे-बड़े समाचार पत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल खबरों के अलावा स्थानीय खबरों को स्थान देने का जो चलन वर्षों से था, अब लगभग थम गया है या धीमा पड़ गया है। ऐसा क्यों हुआ है और इसके पीछे के कारणों और साजिश की जांच-पड़ताल में गहराई तक घुसने की जरूरत नहीं है। सच तो यह है कि भारत महान, जो कि खेल महाशक्ति बनने के ढोल पीट रहा है सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट को जानता-पहचानता है और बाकी खेलों के लिए मीडिया ने दरवाजे बंद कर दिए हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज क्रिकेट भारत का सबसे लोकप्रिय, पहले नंबर का और मालदार खेल है। हर बच्चा, युवा क्रिकेटर बनना चाहता है। गांव, गली, मोहल्ले, शहर, प्रांत स्तर पर क्रिकेट ही क्रिकेट खेला जा रहा है। देश के क्रिकेट प्रशासन में नेता-सांसद, धनाढ्य और ऊंची पहुंच वाले विराजमान हैं। ऐसे लोग क्रिकेट को चला रहे हैं, जिनके सामने मीडिया दुम हिलाता है। फिर भला बाकी खेलों के लिए स्थान कहां से मिल पाएगा?

हिन्दी, अंग्रेजी और तमाम भाषाई अखबारों ने जैसे सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट को छापने का प्रण कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर की अन्य खेल खबरों के लिए अखबारों ने जैसे पाबंदी लगा दी है। कुछ राष्ट्रीय अखबारों ने स्थानीय और महानगर की खेल खबरों के लिए अलग से कॉलम शुरू किए पर वहां सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट की झूठी-सच्ची खबरें छापी जाती हैं। तो फिर बाकी खेल कहां जाए? किस के आगे फरियाद करें?

लेकिन दोष क्रिकेट का नहीं है। खबरें छापने वाले खेल डेस्क को कोसना भी ठीक नहीं होगा। कारण, असली गुनहगार बाकी खेल हैं, जिन्होंने अपने खेलों को सजाने संवारने के लिए ना तो ईमानदारी दिखाई और ना ही क्रिकेट की तरह प्रयास किए। दो-तीन दशक पहले तक सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन ओलम्पिक और अन्य खेलों ने भीतराघात और फर्जीवाड़े कर अपने लिए खाई खोदी और आज आलम यह है कि समाचार पत्र-पत्रिकाओं की पहली और एकमात्र पसंद क्रिकेट और सिर्फ क्रिकेट बन गया है।

शुरुआती वर्षों में कुछ खेलों ने प्रतिरोध किया, नाराजगी जतलाई लेकिन आज सभी खेलों ने हथियार डाल दिए हैं। उन्हें अपनी औकात का भान हो गया है और सभी ने क्रिकेट को महाप्रभु मान लिया है।

Rajender Sajwan Rajender Sajwan,
Senior, Sports Journalist
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