खेलने के लिए सिर्फ प्रैक्टिस करने से बात नहीं बनती l मैचेज़(अधिकाधिक मैच ) होने चाहिए “, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिक्किम, गंगटोक दौरे पर बालिकाओं के साथ फुटबाल खेली और उक़्त सन्देश भी दिया l उन्होंने बाकायदा जानी मानी गोलकीपर पर गोल भी जमाया, जिसकी पटकथा बड़ी खूबसूरती से लिखी गई थी ! इस प्रकार उन्होंने उन आलोचकों को जवाब भी दे दिया जोकि उन पर खेलों से दूरी बनाने का आरोप लगाते हैंl अर्थात उनके फुटबाल प्रेमी होने का प्रमाण तो मिल ही गया हैं l
बेशक़, उनके फुटबाल खेलने से देश के खिलाड़ियों को बड़ा सन्देश गया हैं l उन्होंने दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल में लात आजमा कर दिखा दिया कि फुटबाल कितना सरल खेल हैं और यदि इरादे नेक हों तो खेल के लिए उम्र कोई बाधा नहीं हैं l एक 75 साल का शूटेड बूटेड युवा कैसे गोल जमा सकता है उन्होंने कर दिखाया! आप में से कई एक ने सुपर स्टार गोविंदा की सुपर हिट फ़िल्म “राजा बाबू ” देखी होगी l पता चल गया होगा कि खेलने और करतब दिखाने की कोई उम्र नहीं होती l लेकिन मोदी जी के मैदान में उतरने और फुटबाल खेलने के सन्देश से भारतीय फुटबाल के माई बापों ने क्या सबक लिया यह तो वही जाने! यह ना भूलें कि दुनिया के नंबर एक खेल में भारत का नाम फिसड्डी के रूप में लिया जाता हैं l ऐसा देश जिसने आजादी के बाद फुटबाल खेल कर अपनी अलग पहचान बनाई उसका आज यह हाल हैं कि उसे फिसड्डियों में शुमार किया जाता हैl इसलिए क्योंकि भारतीय फुटबाल दिन पर दिन और साल दर साल देश का नाम ख़राब करती आ रही हैं l शर्मनाक बात यह हैं कि बांग्लादेश, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे पिद्दी पिद्दी देश भी भारतीय फुटबाल को लतिया रहे हैँ l
चूंकि पी एम सर को फुटबाल से प्यार है इसलिए उन्हें यह बताना भी देश के फुटबाल प्रेमियों का कर्तब्य बनता हैं कि फिलहाल भारतीय फुटबाल के शीर्ष पर उनकी पार्टी के कल्याण चौबे जमे बैठे है, जिनसे फुटबाल का कल्याण करते नहीं बन पा रहा l खबर यह भी है कि फेडरेशन गुटबाजी की शिकार है l अब देश के खिलाड़ियों और फुटबाल के चाहने वालों को बस आपका भरोसा है
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
