एशियन गेम्स 2026: सावन बरवाल ने मैराथन में जीता सिल्वर, 44 साल बाद भारत को मिला पदक

Sports News 15

New Delhi: एशियन गेम्स 2026 में भारत के सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया में 42.195 किलोमीटर की मैराथन में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकेंड का समय दर्ज किया, जो उनका नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में 44 साल का पदक का इंतजार खत्म हो गया। सावन से आगे जापान के इचिटाका यामाशिता रहे, जिन्होंने गोल्ड जीता, जबकि चीन के पेइयू फेंग ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

शुरुआत से ही टॉप ग्रुप में रहे सावन

मैराथन की शुरुआत भारतीय समयानुसार सुबह करीब 4 बजे हुई, जिसमें कुल 19 धावक शामिल थे। भारत की ओर से सावन बरवाल के साथ कार्तिक करकेरा ने भी हिस्सा लिया। सावन ने शुरुआती किलोमीटरों से ही खुद को अग्रणी धावकों के समूह में बनाए रखा और रेस के आधे पड़ाव तक पहुंचते-पहुंचते वह दूसरे स्थान पर थे। हाफवे प्वाइंट पर उनका समय करीब 1 घंटे 5 मिनट 54 सेकेंड था। इसके बाद भी उन्होंने अपनी रफ्तार और स्थिति को बरकरार रखा और 35 किलोमीटर तक दूसरे स्थान पर बने रहे।

आखिरी 7 किलोमीटर में बढ़ा रोमांच

रेस के अंतिम चरण में सावन और जापान के यामाशिता के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। करीब सात किलोमीटर बाकी रहने तक सावन जापानी धावक का पीछा कर रहे थे, लेकिन इसके बाद यामाशिता ने धीरे-धीरे अपनी बढ़त बढ़ानी शुरू कर दी। करीब 40 किलोमीटर के पड़ाव तक दोनों के बीच लगभग 26 सेकेंड का अंतर हो गया था। इसके बावजूद सावन ने अपनी स्थिति नहीं गंवाई और आखिरी किलोमीटरों में मजबूती के साथ दौड़ते हुए सिल्वर मेडल पक्का कर लिया। यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ गोल्ड, जबकि फेंग पेइयू ने 2:12:13 के साथ ब्रॉन्ज जीता।

1982 के बाद पहली बार भारत को मिला मैराथन पदक

सावन का यह सिल्वर एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का चौथा मैराथन पदक है। इससे पहले 1951 के पहले एशियन गेम्स में छोटा सिंह ने गोल्ड और सूरत सिंह माथुर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में होसुर कुक्कप्पा सीतारन ने ब्रॉन्ज पदक हासिल किया था। इसके बाद इस स्पर्धा में भारत को कोई पदक नहीं मिला और अब 44 साल बाद सावन बरवाल ने यह सूखा खत्म किया है। खास बात यह भी है कि यह एशियन गेम्स की मैराथन में किसी भारतीय पुरुष का विदेशी धरती पर पहला पदक है।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर पोडियम पर पहुंचे सावन

सावन बरवाल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में 2:11:58 का समय निकालकर शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। नागोया में उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड में करीब 21 सेकेंड का सुधार करते हुए 2:11:37 का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। वहीं दूसरे भारतीय धावक कार्तिक करकेरा 19 प्रतिभागियों में 17वें स्थान पर रहे और उन्होंने 2 घंटे 22 मिनट 41 सेकेंड में रेस पूरी की। इस तरह सावन ने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को एशियन गेम्स के पदक में बदलते हुए भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ दिया।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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