अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दुनिया भर के बाजारों के लिए इस समय एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले काफी समय से चल रही तनातनी अब खत्म होने के करीब पहुंच गई है। ट्रंप के मुताबिक दोनों देश दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री व्यापारिक रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब हैं। इस बड़े ऐलान के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है जिससे भारत सहित पूरी दुनिया को आने वाले दिनों में महंगाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जाग गई है। हालांकि इस डील को लेकर अभी भी दोनों पक्षों में कुछ बातों पर सस्पेंस बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर बयान समय हमारे पास है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस समझौते की प्रोग्रेस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक मजबूत समझौते का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है जिसे बहुत जल्द आखिरी रूप दे दिया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने अपनी टीम से कहा है कि इस डील को फाइनल करने में कोई भी फालतू की जल्दबाजी न दिखाई जाए क्योंकि इस समय हालात पूरी तरह से अमेरिका के हक में हैं। ट्रंप ने अपने पुराने अंदाज में विरोधियों पर निशाना साधते हुए साफ कहा कि मुझसे पहले जो लोग सत्ता में थे उन्हें यह काम बहुत पहले ही कर लेना चाहिए था लेकिन मैं बाकी नेताओं की तरह कोई भी ढीली या खराब डील साइन नहीं करता हूँ। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समझौता पूरी तरह से अमेरिका के फायदे में होगा।
क्या हैं इस बड़े समझौते की मुख्य शर्तें
अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों से छनकर जो खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक कतर और पाकिस्तान की कोशिशों के बाद इस शांति समझौते का एक ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इस नए समझौते के तहत दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों के लिए सीजफायर यानी युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस समय के दौरान ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपनी पाबंदियां हटाएगा और वहां समंदर में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को भी साफ करेगा ताकि दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों का आना-जाना फिर से सुरक्षित और सामान्य हो सके। इसके बदले में अमेरिका भी ईरान के पोर्ट्स पर की गई अपनी सैन्य नाकेबंदी को खत्म कर देगा और ईरान को दुनिया में अपना कच्चा तेल बेचने के लिए प्रतिबंधों में थोड़ी ढील देगा। इसके साथ ही ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को किसी तीसरे देश में भेजने पर भी सहमति बनाने की कोशिश चल रही है।
ईरान का रुख और इजरायल की बढ़ी चिंता
डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के तुरंत बाद ईरान की तरफ से भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह सच मानने से इनकार किया है और कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरी तरह से मुफ्त आवाजाही की बात अभी हकीकत से दूर है। ईरान का साफ कहना है कि यह समुद्री रास्ता हमेशा उनके कंट्रोल में ही रहेगा भले ही वह जहाजों की संख्या बढ़ाने पर राजी हो गए हों। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका उनके जब्त किए गए पैसों को रिलीज करने के वादे से पीछे हट रहा है।
दूसरी तरफ इस पूरी हलचल के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी डोनाल्ड ट्रंप को फोन करके अपनी चिंता जताई है। नेतन्याहू का कहना है कि ईरान के साथ होने वाली किसी भी अंतिम डील में उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने की शर्त शामिल होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह बड़ी डील फाइनल हो पाती है या कोई नया मोड़ लेती है।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1