दिल्ली-NCR में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह हुई तेज बारिश ने लोगों को गर्मी और बढ़ते प्रदूषण से राहत दी। लंबे समय से खराब मौसम और प्रदूषित हवा का सामना कर रहे राजधानी के लोगों को बारिश के बाद कुछ राहत महसूस हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
चार साल में अक्टूबर की सबसे ज्यादा बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में सोमवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान 41.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अक्टूबर महीने में एक दिन के दौरान हुई यह बारिश पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक रही।
इससे पहले 9 अक्टूबर 2022 को सफदरजंग में करीब 74 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस बार हुई बारिश ने राजधानी के मौसम को अचानक बदल दिया और तापमान सामान्य से नीचे चला गया।
AQI में सुधार, प्रदूषण से मिली राहत
बारिश का सबसे बड़ा असर दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला। बारिश से पहले रविवार को राजधानी का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 111 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। सोमवार को यह घटकर 83 पर पहुंच गया, जिसे संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है।
बारिश के दौरान हवा में मौजूद धूल के कणों और कुछ प्रदूषकों के नीचे बैठने से वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार हो सकता है। हालांकि, यह राहत लंबे समय तक बनी रहे, इसकी गारंटी नहीं है।
तापमान में गिरावट से बदला मौसम
तेज बारिश और गरज-चमक के कारण दिल्ली में तापमान भी नीचे आया। सफदरजंग में सोमवार का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बारिश के बाद सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हुआ। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को बारिश की संभावना नहीं थी और दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता था।
कई इलाकों में जलभराव, यातायात भी प्रभावित
बारिश से जहां लोगों को प्रदूषण और गर्मी से राहत मिली, वहीं राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। महिपालपुर, सैनिक फार्म और कुछ अन्य इलाकों में पानी जमा होने की खबरें आईं। कुछ सड़कों पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई।
इस दौरान यात्रियों को घर से निकलने से पहले यातायात की स्थिति और मौसम संबंधी अपडेट देखने की सलाह दी गई।
बारिश के बाद फिर बढ़ा प्रदूषण का खतरा
बारिश से मिली राहत के बावजूद प्रदूषण को लेकर चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई। मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह दिल्ली का AQI फिर बढ़कर 138 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इससे स्पष्ट हुआ कि बारिश से हवा की गुणवत्ता में हुआ सुधार अस्थायी था।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश रुकने के बाद धूल और अन्य प्रदूषकों के दोबारा हवा में जमा होने से प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी होगा।
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