NEET पेपर लीक विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 36 दिन के आंदोलन के बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Dharmendra Pradhan

New Delhi: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक और छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही थी। वर्ष 2014 में पहली बार केंद्र में सरकार बनने के बाद विरोध प्रदर्शनों के दबाव में इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान पहले केंद्रीय मंत्री बन गए हैं। हालांकि इससे पहले 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने ‘मी टू’ आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था, लेकिन वह मामला अलग परिस्थितियों से जुड़ा था। इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दो पन्नों का एक पत्र भी सार्वजनिक किया, जिसमें उन्होंने कई मुद्दों के साथ यह भी कहा कि युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की गई।

जंतर-मंतर पर जश्न, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा होते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि सरकार के झुकने से यह साबित हो गया कि लोकतांत्रिक संघर्ष असरदार होता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। उनकी मांग है कि कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों ने राष्ट्रगान गाया, छात्र एकता के नारे लगाए और जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा। वहीं CJP ने सोशल मीडिया पर इसे आंदोलन की जीत करार दिया।

वांगचुक का संदेश, भागवत के बयान और सरकार की कार्रवाई पर बढ़ी चर्चा

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी संदेश में इसे लोकतंत्र, शांतिपूर्ण आंदोलन और युवाओं के धैर्य की जीत बताया। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी नागरिकों और युवाओं को बधाई दी। दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान की भी चर्चा तेज हो गई जिसमें उन्होंने नई पीढ़ी से संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा था कि युवाओं को आदेश देने के बजाय उनकी बात सुननी और उन्हें तर्क के साथ समझाना चाहिए। इसी बीच सरकार ने लगातार प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े कदम उठाए। पहले शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों में बदलाव किया गया, फिर NEET पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त करने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।

पेपर लीक कानून और धर्मेंद्र प्रधान के पुराने आंदोलन की भी हुई चर्चा

इस्तीफे के बाद एक बार फिर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 चर्चा में आ गया। यह कानून पेपर लीक, नकल, OMR शीट से छेड़छाड़, परीक्षा से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाना, परीक्षकों को धमकाना और अन्य परीक्षा संबंधी धांधली को गैर-जमानती अपराध मानता है। इसके तहत दोषियों को तीन से पांच वर्ष तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, जबकि परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता साबित होने पर तीन से दस वर्ष तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच धर्मेंद्र प्रधान के छात्र जीवन का एक पुराना आंदोलन भी चर्चा में रहा। वर्ष 1997 में ओडिशा में हुए एक पेपर लीक के विरोध में उन्होंने छात्रों के साथ प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पिछले पांच दिनों में तेजी से बदला घटनाक्रम

NEET पेपर लीक विवाद पर पिछले कुछ दिनों में घटनाक्रम लगातार तेज़ी से बदला। 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इसके बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के कई दौर चले। 22 जुलाई को सोनम वांगचुक ने भरोसा मिलने पर अनशन समाप्त करने की बात कही, 23 जुलाई को CJP ने सरकार को जंतर-मंतर आकर बातचीत का न्योता दिया और 24 जुलाई को दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई। इन घटनाओं के अगले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आया, जिसने पूरे आंदोलन को नया मोड़ दे दिया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलनकारियों की बाकी मांगों पर क्या फैसला लेती है और NEET परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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