प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण के दौरान भारत के नाम एक और ऐतिहासिक वैश्विक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। स्वीडन के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी को वहां के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ कमांडर ग्रैंड क्रॉस से नवाजा गया है। यह किसी भी विदेशी सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी को अपने कार्यकाल में अब तक कुल 31 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है।
आसमान में फाइटर जेट्स की सलामी और जोरदार स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचने पर बेहद अनोखे और भव्य अंदाज में स्वागत किया गया। जैसे ही पीएम मोदी का विमान स्वीडन की हवाई सीमा में दाखिल हुआ स्वीडिश वायुसेना के अत्याधुनिक ग्रिपेन फाइटर जेट्स ने उनके विमान को चारों तरफ से घेरकर एस्कॉर्ट किया और आसमान में विशेष सलामी दी। एयरपोर्ट पर खुद स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। इसके बाद होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने पारंपरिक बंगाली नृत्य और भजनों के साथ पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा हो गया।
क्या है स्वीडन का यह सर्वोच्च सम्मान
स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ के फैसले के बाद वहां की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने एक विशेष समारोह में पीएम मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। साल 1748 में शुरू किया गया यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने स्वीडन के हितों या आपसी कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में असाधारण योगदान दिया हो। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है और यह दोनों देशों की गहरी दोस्ती का प्रतीक है।
भारत और स्वीडन के रिश्ते अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदले
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रक्षा और तकनीक को लेकर बेहद उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि भारत और स्वीडन ने अपने आपसी संबंधों को अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। इसके लिए दोनों देशों ने साल 2026 से 2030 तक का एक विशेष संयुक्त एक्शन प्लान भी तैयार किया है जिसके तहत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्लीन एनर्जी साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के क्षेत्र में मिलकर काम किया जाएगा।
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की यादों और निवेश पर चर्चा
यह दौरा ऐतिहासिक रूप से भी बेहद खास रहा क्योंकि साल 1926 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वीडन की यात्रा की थी और ठीक 100 साल बाद 2026 में यह बैठक हो रही है। इस मौके पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को खास तोहफे भी दिए। इसके बाद पीएम मोदी ने वोल्वो ग्रुप द्वारा आयोजित यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री में यूरोप के बड़े बिजनेस लीडर्स को संबोधित किया और उन्हें भारत के बुनियादी ढांचे तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने साफ किया कि भारत इस समय दुनिया का सबसे भरोसेमंद आर्थिक पार्टनर बनकर उभर रहा है।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1