सर्दियों में प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली में 3 महीने के लिए बाहरी कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पर रोक, जानें किसे मिलेगी छूट

Polution update Delhi

राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में होने वाले भीषण वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने अभी से एक बड़ा और सख्त कदम उठा लिया है। दिल्ली सरकार ने एक नया ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ (सक्रिय शीतकालीन वायु गुणवत्ता प्रबंधन ढांचा) अधिसूचित किया है। इस नए नियम के तहत, सर्दियों के दौरान तीन महीनों के लिए दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-बीएस 6 कमर्शियल वाहनों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से लागू होगा और 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा।

प्रदूषण बढ़ने से पहले ही सरकार ने कसी कमर

आमतौर पर दिल्ली में जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता था, तब ग्रेप नियमों के तहत गाड़ियों पर पाबंदियां लगाई जाती थीं। लेकिन इस बार सरकार ने सर्दियों की शुरुआत से कई महीने पहले ही इस नीति का एलान कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि एडवांस में इस घोषणा को करने का मकसद यह है कि बाहर से आने वाले कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम जनता को तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके, जिससे नियम लागू होने पर किसी को अचानक परेशानी न उठानी पड़े।

इन गाड़ियों को एंट्री बैन से मिलेगी पूरी छूट

सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध केवल उन कमर्शियल गाड़ियों पर लागू होगा जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं और पुराने इंजन पर चलती हैं। आवश्यक सेवाओं और पर्यावरण के अनुकूल चलने वाले निम्नलिखित वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है:

सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): बाहर से आने वाले वो सभी कमर्शियल वाहन जो सीएनजी या पूरी तरह बिजली से चलते हैं, बिना रोक-टोक दिल्ली में आ सकेंगे।इमरजेंसी सर्विसेज: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर कोई रोक नहीं होगी सरकारी काम में लगे वाहन: आवश्यक सरकारी सेवाओं या सरकारी ड्यूटी में तैनात कमर्शियल गाड़ियों को भी इस दायरे से बाहर रखा गया है।

बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

नए फ्रेमवर्क के तहत केवल गाड़ियों की एंट्री ही बैन नहीं की जा रही, बल्कि दिल्ली के भीतर चलने वाले वाहनों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी) तभी मिलेगा, जब गाड़ी के पास एक वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट होगा। जिन वाहन मालिकों के पास वैलिड प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा।

निजी गाड़ियों को रोकने के लिए पार्किंग चार्ज होगा डबल

सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करने और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पार्किंग को भी महंगा कर दिया गया है। 1 नवंबर 2026 से लेकर 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली की सभी अधिकृत पार्किंग साइट्स पर पार्किंग शुल्क को दोगुना कर दिया जाएगा। इसके अलावा आगामी सर्दियों में दफ्तरों के समय में बदलाव , कूड़ा जलाने पर सख्त पाबंदी और धूल नियंत्रण के लिए एडवांस कंस्ट्रक्शन प्लानिंग जैसे कदम भी इस नए नीतिगत ढांचे का हिस्सा हैं।

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