New Delhi: 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए सभी को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों बाद भारत अपनी स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के शुभारंभ का उत्सव मनाएगा। देश और विदेश में रहने वाले भारतीय इस अवसर को उत्साह और गर्व के साथ मनाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब देशवासी अपने सपनों को साकार करने के साथ भारत की प्रगति में अपना योगदान दें। उनका संदेश देश की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी केंद्रित रहा।
79 साल पूरे, लेकिन 15 अगस्त 2026 होगा 80वां स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 2026 को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा या 80वां। दरअसल, दोनों आंकड़े अपने-अपने संदर्भ में सही हैं। भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था, इसलिए 15 अगस्त 2026 तक देश की आजादी के 79 साल पूरे होंगे। लेकिन 15 अगस्त 1947 को ही देश का पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। इसी वजह से 2026 में स्वतंत्रता दिवस समारोह का क्रम 80वां होगा। यानी आसान भाषा में समझें तो 2026 में भारत आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। यही कारण है कि सरकारी संचार में भी इसे 80वें स्वतंत्रता दिवस के रूप में संबोधित किया जा रहा है।
15 अगस्त क्यों बना भारत की आजादी का प्रतीक?
15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता मिली और इसी ऐतिहासिक दिन से स्वतंत्र भारत की यात्रा शुरू हुई। आजादी के बाद 15 अगस्त राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को दिल्ली के लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से लाल किला स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हुए भारत की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर अपनी बात रखते हैं।
लाल किले पर होगा 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह
15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। वहीं, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन भी महत्वपूर्ण परंपरा का हिस्सा है। राष्ट्रपति का संबोधन ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में प्रसारित किया गया, जिसके बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया गया। इस मौके पर देशभर में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया जा रहा है।
आजादी का जश्न सिर्फ एक संख्या नहीं, जिम्मेदारी का संकल्प भी
80वां स्वतंत्रता दिवस भारत के लिए केवल एक ऐतिहासिक आंकड़ा नहीं, बल्कि बीते दशकों की यात्रा को याद करने और आने वाले वर्षों के लिए नए संकल्प लेने का अवसर है। 1947 में मिली आजादी के बाद भारत ने लोकतंत्र, विज्ञान, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में लंबा सफर तय किया है। ऐसे में 15 अगस्त 2026 पर देश उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करेगा, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, साथ ही एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी लेगा। यानी 15 अगस्त 2026—आजादी के 79 साल पूरे होने और 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर का संगम है।
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Ms. Pooja, |
