Tribute to Nightingale of India

स्वर कोकिला को श्रधांजलि

ए मेरे वतन के लोगों अब आँख में भर लो पानी स्वर कोकिला के जीवन काल की समाप्त हुई कहानी अद्भुत उत्साह था हृदय में , निराली थी उनमे उमंग संगीत के लहरों पर जैसे नाचती मृदुल तरंग ज़िंदगी की Read more

that era

वो ज़माना

न रहा वो फूलों का खिलना न रहा उसका खिड़की पर आना न रहा वो नुक्कड़ में मिलना न रहा वो मौसम आशिक़ाना न रहा मिलके आगन में गाना न रहा वो दोस्तों का ठिकाना न रहा वो खेला गलियों Read more