एशियाई खेलों के इस महाकुंभ में भारत के लिए छठा दिन किसी बड़े जश्न से कम नहीं रहा। खेल के मैदानों पर जब सुबह से लेकर शाम तक हमारे खिलाड़ियों का पसीना बहा, तो उसका नतीजा देश के लिए ऐतिहासिक पदकों की सौगात के रूप में सामने आया। वुशु के अखाड़े से लेकर एथलेटिक्स के लाल ट्रैक तक, भारतीय एथलीटों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए एक ही दिन में कुल पांच शानदार पदक अपनी झोली में डाल लिए। इस ताबड़तोड़ प्रदर्शन के बाद एशियाई खेलों की पदक तालिका में भारत का कुल आंकड़ा अब 17 तक जा पहुंचा है, जिससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
रोशिबिना और सीमा के दम पर चमका देश का सितारा
छठे दिन की सबसे बड़ी चमक उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन में दिखाई दी जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया है। मार्शल आर्ट्स यानी वुशु के कड़े मुकाबलों में रोशिबिना देवी ने एक बार फिर अपने शानदार दांव-पेचों से विरोधी खिलाड़ियों को पस्त कर दिया और देश के लिए ऐतिहासिक पदक पक्का किया। उनके इस जांबाज सफर के ठीक बाद, एथलेटिक्स के मैदान पर हिमाचल की होनहार बेटी सीमा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। महिलाओं की 10,000 मीटर की बेहद कठिन और लंबी दौड़ में सीमा ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सोलह साल का सूखा खत्म किया और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे देश का सिर ऊंचा कर दिया।
रिले टीम की रफ्तार और अन्य मुकाबलों का जलवा
व्यक्तिगत खेलों के साथ-साथ टीम स्पर्धाओं में भी भारत का जोश देखने लायक था। रिले रेस में उतरी भारतीय टीम ने गजब का तालमेल, एक जैसी रफ्तार और बेहतरीन स्टेमिना का प्रदर्शन करते हुए ट्रैक पर तहलका मचा दिया। टीम के हर सदस्य ने बिना एक पल गंवाए अपनी जिम्मेदारी निभाई और देश के लिए एक और कीमती पदक सुनिश्चित कर लिया। इसके अलावा दिनभर चले अलग-अलग खेलों के अन्य मुकाबलों में भी हमारे खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और यह साबित कर दिया कि वे दुनिया के किसी भी मंच पर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सत्रह के जादुई आंकड़े पर भारत, आगे के दिनों से बड़ी उम्मीदें
एक ही दिन में पांच-पांच मेडल झटकने के बाद भारतीय खेमे में आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन से न सिर्फ पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आने वाले दिनों के लिए करोड़ों देशवासियों की उम्मीदें भी और ज्यादा बढ़ गई हैं। खिलाड़ियों का यह जोश और कभी हार न मानने वाला रवैया यह बता रहा है कि एशियाई खेलों के बाकी बचे दिनों में भी हमारे एथलीट इसी तरह का आक्रामक खेल जारी रखेंगे और देश के लिए और भी कई गौरवशाली पदक जीतकर इतिहास रचेंगे।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group