कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के साथ भारत को दिलाया पहला गोल्ड

Sports News 22

New Delhi: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल गोल्ड मेडल अपने नाम किया, बल्कि प्रतियोगिता का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है, जिससे उन्होंने इस मंच पर अपनी निरंतर सफलता को फिर साबित कर दिया। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई देते हुए देश का गौरव बढ़ाने के लिए सराहा।

रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से प्रतिद्वंद्वियों को छोड़ा काफी पीछे

फाइनल मुकाबले में मीराबाई चानू का मुकाबला किसी अन्य खिलाड़ी से कम और अपने ही प्रदर्शन से अधिक नजर आया। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने पहली बार 82 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती कोशिश सफल नहीं रही। इसके बाद दूसरी कोशिश में उन्होंने 82 किलोग्राम आसानी से उठाया और तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। क्लीन एंड जर्क में भी उन्होंने 105 किलोग्राम की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट लगाई। इस तरह कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया और दूसरे स्थान पर रहीं नाइजीरिया की रूथ न्योंग से पूरे 22 किलोग्राम अधिक वजन उठाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक, चौथा पदक भी किया अपने नाम

मीराबाई चानू ने इस जीत के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली। इससे पहले वह 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम संस्करण में भी गोल्ड जीत चुकी थीं। वहीं 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। इस तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में अब उनके नाम कुल चार पदक हो गए हैं, जिनमें तीन स्वर्ण और एक रजत शामिल हैं। इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर वह ओलंपिक वेटलिफ्टिंग में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला भी बनी थीं।

नाइजीरिया और मलेशिया की खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दर्ज की शानदार जीत

महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में मीराबाई ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। स्नैच में नाइजीरिया की रूथ न्योंग का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 75 किलोग्राम रहा, जबकि क्लीन एंड जर्क में उनका सर्वोच्च सफल प्रयास 93 किलोग्राम था। कुल 168 किलोग्राम वजन के साथ उन्होंने रजत पदक जीता। वहीं मलेशिया की आइरीन जेन हेनरी ने 167 किलोग्राम कुल वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। मीराबाई का कुल 190 किलोग्राम का प्रदर्शन बाकी सभी खिलाड़ियों से काफी आगे रहा, जिसने इस मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया।

भारत की पदक उम्मीदों को मिली नई रफ्तार

मीराबाई चानू की इस ऐतिहासिक जीत ने भारत के अभियान को नई ऊर्जा दी है। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण और बड़े अंतर से हासिल की गई जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिला वेटलिफ्टिंग में मीराबाई दुनिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि से भारत की पदक तालिका को मजबूती मिली है और आगे होने वाली स्पर्धाओं के लिए भारतीय दल का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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