New Delhi: अगर पैरों पर उंगली से कुछ सेकेंड दबाने के बाद गड्ढा बन जाए और वह तुरंत सामान्य न हो, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति पिटिंग एडिमा (Pitting Edema) कहलाती है, जो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने का संकेत हो सकती है। इसके साथ थकान, कमजोरी और पैरों में लगातार सूजन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, इसलिए सही वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
इन पोषक तत्वों की कमी बढ़ा सकती है परेशानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन B1, पोटेशियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन की कमी होने पर पैरों में सूजन की समस्या बढ़ सकती है। विटामिन B1 की कमी रक्त वाहिकाओं और हृदय के कामकाज को प्रभावित कर सकती है, जबकि पर्याप्त पोटेशियम शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। वहीं मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में अकड़न और नसों पर असर पड़ सकता है तथा प्रोटीन की कमी भी शरीर में सूजन का एक कारण बन सकती है।
संतुलित आहार से पूरी हो सकती है पोषण की जरूरत
इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए भोजन में कद्दू के बीज, मूंगफली, काला चना, राजमा, ओट्स, ब्राउन राइस, पालक, नारियल पानी, शकरकंदी, बादाम, काजू, चिया सीड्स, दूध, दही, पनीर, दाल और स्प्राउट्स जैसी चीजों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति को किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी है, तो पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
जीवनशैली में बदलाव भी है जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार केवल पोषण ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली भी पैरों की सूजन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नियमित रूप से लगभग 30 मिनट की सैर, नमक और अतिरिक्त चीनी का सीमित सेवन तथा संतुलित आहार अपनाने से शरीर में सूजन की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। यदि सूजन लंबे समय तक बनी रहे, बढ़ती जाए या इसके साथ सांस लेने में तकलीफ, तेज दर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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Ms. Pooja, |
