नशाखोरी से बनेंगे खेल महाशक्ति!

Sports news 5

देश तरक्की कर रहा है और बहुत जल्दी ही हम विश्व की पहली -दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं l सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो खेलों में भी भारत महाशक्ति बनने के करीब है, ऐसा सरकारी दावा है l लेकिन एक और बड़ी खेल उपलब्धि भारत के नाम पर है l वह यह कि हमारे खिलाड़ियों ने डोपिंग उल्लंघन में अपना सर्वोच्च स्थान बनाए रखा है l अर्थात भारत बड़ी बढ़त के साथ पहले नंबर पर विराजमान हैl केन्या और रूस क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है l.
पता नहीं हम कब तक खेलों में बड़ी ताकत बन पाएंगे लेकिन हमारे खिलाड़ियों ने डोपिंग में जो रिकॉर्ड कायम किए हैं उनकी दुनियाभर में चर्चा है l. यह हाल तब है जबकि हमारे महांन खिलाड़ी ओलंपिक और विश्वस्तर के खेल आयोजनों में कोई बड़ा कमाल नहीं कर पाते l जहाँ तक डोप में फंसे अन्य देशों की बात है तो उनकी उपलब्धियां बढ़ चढ़ कर रही हैं l केन्या और रूस के एथलीट, मुक्केबाज, जुडोका, पहलवान और अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के नाम अनेक रिकॉर्ड हैंl बेशक, उन पर डोप सेवन के आरोप लगते आए हैं l अन्य प्रमुख खेल राष्ट्र भी वाडा के टारगेट पर हैं l लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि नशाखोरी में हमारे खिलाड़ियों ने अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और तमाम चैंपियनों को भी पीछे छोड़ दिया है l खासकर, एथलीटों की भागीदारी बढ़ चढ़ कर रही है l यह हाल तब है जबकि हमारे फिसड्डी खिलाड़ियों को वाडा गंभीरता से नहीं लेता l लेकिन जब कभी छापा पड़ता है तो दो -चार भारतीय खिलाड़ी पकड़ में आते रहे हैं l
अक्सर देखने में आया है कि जब कभी एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेल नजदीक आते हैं, खिलाड़ियों का चयन शुरू होता है तो हमारे खिलाड़ी रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हैँ, रोज नये कीर्तिमान बनते हैं l लेकिन जब असली परीक्षा होती हैँ तो अधिकांश का श्रेष्ठ पता नहीं कहाँ गायब हो जाता हैँ l तब दूसरा खेल शुरू होता हैँ l ट्रैक सही नहीं था, मैदान में घास ज्यादा थी, एन मौके पर फॉर्म गायब हो जाती है, सुविधाओं का रोना रोया जाता हैँ l और ना जाने क्या क्या बहाने बनाए जाते हैं l इस प्रकार की बहाने बाजी आम हैl खिलाड़ी और उसका निक्क्मा कोच डोप का सहारा लेते हैँ l इस प्रकार भारतीय खेलों में नशाखोरी का साम्राज्य स्थापित हो जाता हैl
भारतीय खेलों को शर्मसार होने और देश की साख बचाने के लिए जरुरी हैँ कि,1. प्रशिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए 2. खेल संघ नियमित डोपिंग शिक्षा देंl 3. खेल मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं ली जाएं l 4.प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जाए l

Rajender Sajwan Rajender Sajwan,
Senior, Sports Journalist
Share:

Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *