देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में इस समय आसमान से आग बरस रही है। सुबह सूरज निकलते ही गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को बेहाल करने लगते हैं और दोपहर होते-होते हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली के कई इलाकों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस भीषण गर्मी और लू यानी हीटवेव के बीच हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि आखिर इस टॉर्चर से राहत कब मिलेगी और मौसम का मिजाज कब बदलेगा।
भीषण लू की चपेट में दिल्ली-एनसीआर और जारी हुआ रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों के लिए आने वाले कुछ दिनों तक रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है। इसका मतलब यह है कि अभी धूप और गर्म हवाओं का यह सितम रुकने वाला नहीं है। उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही सूखी और बेहद गर्म पछुआ हवाओं ने दिल्ली को एक तपती हुई भट्टी में बदल दिया है।
रात के समय भी न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री ऊपर चल रहा है जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से चैन नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बिना जरूरी काम के दोपहर एक बजे से शाम चार बजे के बीच घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि यह हीटस्ट्रोक का सबसे खतरनाक समय होता है।
तो कब बदलेगा मौसम और कब मिलेगी राहत
दिल्ली वालों के लिए राहत की सबसे पहली और बड़ी उम्मीद इस हफ्ते के अंत में नजर आ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक तो तापमान इसी तरह चरम पर रहेगा लेकिन 28 और 29 मई के आसपास मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
एक नया पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है जो पहाड़ी इलाकों से होते हुए मैदानी राज्यों की तरफ बढ़ेगा। इसके प्रभाव से दिल्ली एनसीआर में तेज रफ्तार वाली धूल भरी आंधियां चल सकती हैं और आसमान में घने बादल छाने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आंधी के साथ-साथ कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं जिससे पारे में तीन से चार डिग्री की गिरावट आएगी और लोगों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत महसूस होगी।
मॉनसून की रफ्तार तेज लेकिन दिल्ली पहुंचने में अभी वक्त
इस बीच एक अच्छी खबर यह भी है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश के दक्षिणी हिस्सों में बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह अपने तय समय से करीब पांच दिन पहले यानी इसी हफ्ते केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। केरल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है जिससे वहां का मौसम पूरी तरह बदल जाएगा।
हालांकि दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को असली और लंबी राहत के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। दिल्ली में आमतौर पर मॉनसून जून के आखिरी हफ्ते यानी 27 से 30 जून के बीच पहुंचता है। इसलिए इस हफ्ते होने वाली बूंदाबांदी सिर्फ कुछ समय की राहत देगी और जून के महीने में एक बार फिर उमस वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुद को हाइड्रेटेड रखें और पानी तथा लिक्विड डाइट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
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