नर्मदा की लहरों में समाई 9 जिंदगियों के दर्द के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए थे। इस फोटो में एक मां और बेटा डूबते समय एक-दूसरे को कसकर पकड़े हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया गया कि यह जबलपुर के बरगी बांध या भेड़ाघाट के पास हुए हालिया नाव हादसे की हृदयविदारक तस्वीर है। लेकिन अब इस मामले में प्रशासन की ओर से बड़ा बयान आया है।
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस वायरल फोटो की सच्चाई बताते हुए इसे भ्रामक करार दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीर मां और बेटे के शवों की दिखाई जा रही है, वह जबलपुर के हालिया हादसे की नहीं है। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर पुरानी है और किसी अन्य घटना से संबंधित है, जिसे गलत संदर्भ में वर्तमान हादसे से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
आखिर क्या है वायरल फोटो का सच?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो को लेकर जब फैक्ट चेक किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
1. फर्जी दावा: इस फोटो के साथ लोग लिख रहे थे कि जबलपुर हादसे के बाद जब गोताखोरों ने शव निकाले, तो मां और बेटा इसी अवस्था में मिले।
2. पुरानी तस्वीर: तकनीकी पड़ताल में पता चला है कि यह फोटो असल में 2021 की है और इसका संबंध विदेश की किसी पुरानी घटना या किसी अन्य डूबने के मामले से हो सकता है। इसे कई बार अलग-अलग मौकों पर शेयर किया जा चुका है।
3. प्रशासन की अपील: कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की संवेदनशील और भ्रामक तस्वीरों को साझा न करें। इससे पीड़ित परिवारों की मानसिक वेदना और बढ़ जाती है और जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा होता है।
जबलपुर हादसे की असल स्थिति
भले ही वह विशेष तस्वीर फर्जी साबित हुई हो, लेकिन जबलपुर में हुई असली त्रासदी किसी भी लिहाज से कम दर्दनाक नहीं है। भेड़ाघाट के पास सरस्वती घाट और धुंआधार के पास हुई इस घटना में 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जो शव निकाले गए, उनमें महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंजर इतना भयावह था कि लोग अपनी जान बचाने के लिए एक-दूसरे का हाथ थामे हुए थे, लेकिन लहरों के आगे किसी की नहीं चली।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
जबलपुर प्रशासन ने इस मामले में नाव ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शुरुआती जांच में यह बात पक्की हो चुकी है कि नाव पर क्षमता से दोगुना बोझ था और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं।
एफआईआर दर्ज: पुलिस ने नाव मालिक और संबंधित ऑपरेटरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
लाइसेंस रद्द: क्षेत्र में चल रही अन्य संदिग्ध नावों के लाइसेंस की भी जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाली नौकाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी खबरों और तस्वीरों पर नजर रखी जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, पूरे जबलपुर में मातम का माहौल है और लोग मृतकों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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