New Delhi: असम विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन ने अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने जानकारी दी कि असम गण परिषद (एजीपी) 26 सीटों पर, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी की संसदीय बोर्ड बैठक के बाद उम्मीदवारों की सूची जल्द जारी की जाएगी।
यूपीपीएल गठबंधन से बाहर, बीपीएफ बना सहयोगी
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव करते हुए यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) अब भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं रही है। वहीं, बीपीएफ को गठबंधन में बनाए रखा गया है। खास बात यह है कि यूपीपीएल और बीपीएफ बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
बोडोलैंड क्षेत्र की अहम भूमिका
बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह इलाका संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त है और यहां से 15 विधायक विधानसभा में पहुंचते हैं। इस क्षेत्र में बीपीएफ और यूपीपीएल के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चलती आ रही है, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
चुनाव और मतगणना की तारीखें घोषित
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा भी होने की संभावना है।
वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति
मौजूदा विधानसभा में भाजपा के पास 64 विधायक हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। उसके सहयोगी एजीपी, यूपीपीएल और बीपीएफ भी अलग-अलग संख्या में सीटें रखते हैं। वहीं विपक्ष में कांग्रेस, एआईयूडीएफ और अन्य दल मौजूद हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में गठबंधन की रणनीति और सीट बंटवारा परिणामों पर बड़ा असर डाल सकता है।
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Ms. Pooja, |
