महाराष्ट्र ने रणनीतिक ‘कर्टेन रेज़र’ समारोह के साथ पल्स 2026 का किया शुभारंभ

Maharastra

मात्र एक औपचारिक उद्घाटन से आगे बढ़कर, इस कर्टेन रेज़र ने इस बात को मजबूती से रेखांकित किया कि महाराष्ट्र सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को न केवल एक सामाजिक अनिवार्यता के रूप में, बल्कि राज्य के आर्थिक, नवाचार और अनुसंधान मिशन के केंद्र में एक रणनीतिक बुनियादी ढांचे के रूप में पुनर्गठित कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि सचिव धीरज कुमार (आईएएस) और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त अनिल भंडारी (आईएएस) ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस उच्च-स्तरीय चर्चा में सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल और लीलावती अस्पताल जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ भारती विद्यापीठ की स्वप्नाली कदम और प्रमुख डायग्नोस्टिक्स कंपनी एजिलस डायग्नोस्टिक्स ने भाग लिया। उनके साथ लॉन्जिविटी (longevity) और हेल्थ स्पैन एजुकेटर प्रशांत देसाई; इंटीग्रेटिव हेल्थ विशेषज्ञ ल्यूक कॉटिन्हो; अभिनेत्री और महिला स्वास्थ्य पैरोकार सोहा अली खान (जो UNFPA इंडिया से जुड़ी हैं); और महाराष्ट्र में ‘बल्क ड्रग पार्क’ के विकास में शामिल रामकी ग्रुप (Ramky Group) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें से कई प्रतिभागियों ने राज्य में हेल्थकेयर इनोवेशन, अनुसंधान सहयोग और स्वास्थ्य प्रणालियों के कायाकल्प को मजबूत करने के प्लेटफॉर्म के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताते हुए ‘चैंपियंस फॉर पल्स’ (Champions for PULSE) के रूप में इस पहल से हाथ मिलाया।

इस सभा की संरचना ने क्लिनिकल मेडिसिन, प्रिवेंटिव वेलनेस (निवारक स्वास्थ्य), डायग्नोस्टिक्स, नीति और निवेश के संगम के रूप में ‘पल्स 2026’ के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से दर्शाया। महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य सरकार ने पुष्टि की है कि ‘पल्स 2026’ का आयोजन 27 से 28 मार्च, 2026 तक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा, जो इस शिखर सम्मेलन के व्यापक पैमाने और भव्यता को परिलक्षित करता है।

अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण व्यक्त किया।

माननीय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा को एक सामाजिक जिम्मेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के चालक, दोनों रूपों में देखा जाना चाहिए। महाराष्ट्र के पास हेल्थकेयर परिवर्तन में एक राष्ट्रीय लीडर के रूप में उभरने के लिए संस्थागत ढांचा, चिकित्सा विशेषज्ञता और नवाचार क्षमता मौजूद है। पल्स 2026 के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एक ऐसा संरचित प्लेटफॉर्म बनाना है जो हमारे स्वास्थ्य ईको-सिस्टम को मजबूत करने के लिए नीति, पूंजी, अनुसंधान और क्लिनिकल उत्कृष्टता को एक साथ लाए।”

मुख्यमंत्री ने किफायती स्वास्थ्य देखभाल (affordable healthcare) मॉडल विकसित करने और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य एवं मेडटेक (medtech) इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य का विस्तार ले रहा डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा सिस्टम इनोवेशन, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को सक्षम करने में उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही, यह सरकारी संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और निजी क्षेत्र के इनोवेटर्स के बीच सहयोग के नए अवसर भी पैदा करेगा।

बुनियादी ढांचे और नवाचार के अलावा, ‘पल्स 2026’ दीर्घकालिक स्वास्थ्य देखभाल के मूलभूत स्तंभों के रूप में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, प्रारंभिक निदान और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर देगा। निजी क्षेत्र की भागीदारी और संस्थागत विशेषज्ञता के साथ सार्वजनिक नीति को संरेखित करके, राज्य का लक्ष्य हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडटेक निर्माण, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, जैव प्रौद्योगिकी (biotechnology) अनुसंधान, वेलनेस, मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य सेवा विस्तार के क्षेत्रों में निवेश को गति प्रदान करना है।

अनुसंधान और अकादमिक सहयोग इस कॉन्क्लेव का एक और केंद्रीय स्तंभ होगा, जिसमें योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा, वैश्विक विश्वविद्यालय भागीदारी, ट्रांसलेशनल रिसर्च और प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण वातावरण पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

चिकित्सा, वित्तीय और शैक्षिक हब के रूप में मुंबई की स्थिति इस पहल को स्वाभाविक गति प्रदान करती है। हालांकि, इसका व्यापक विजन और भी विस्तृत है: महाराष्ट्र को हेल्थकेयर इनोवेशन, अनुसंधान उत्कृष्टता और वैश्विक पूंजी भागीदारी के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करना।

‘पल्स 2026’ में दो दिनों के दौरान 20 सत्रों में 130 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं के एक साथ आने की उम्मीद है। इसमें सरकार, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्योग जगत के लीडर्स, निवेशकों और बहुपक्षीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 2,900 प्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान है। इसे केवल एक बार के आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा परिवर्तन के लिए एक सतत पांच-वर्षीय चार्टर के हिस्से के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह पहल इस बात का भी गहराई से अध्ययन करेगी कि कैसे उभरती तकनीक (emerging technologies) और डिजिटल प्लेटफॉर्म हेल्थकेयर डिलीवरी, चिकित्सा शिक्षा और नवाचार इकोसिस्टम को नया रूप दे रहे हैं।

जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 27 से 28 मार्च को ‘पल्स 2026’ को केवल एक सम्मेलन के रूप में नहीं, बल्कि भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण, निवेश और अनुसंधान के भविष्य को आकार देने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है।

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