अयोध्या दीपोत्सव में नहीं पहुंचे दोनों डिप्टी सीएम, राज्यपाल की गैरहाजिरी ने भी बढ़ाई चर्चा

Ayodhya News

देशभर में दिवाली की धूम है। चारों तरफ रंग बिरंगी लाइट्स और खुशियों का माहौल है। इसी बीच अयोध्या से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। आपको बता दे की हर साल दिवाली के उपलक्ष पर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है। मगर इस बार दीपोत्सव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।इस साल के दीपोत्सव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों डिप्टी सीएम नाराज चल रहे हैं, और इसी वजह से उन्होंने अयोध्या का दौरा रद्द कर दिया।न केवल दोनों उपमुख्यमंत्री, बल्कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी इस बार दीपोत्सव में शामिल नहीं हुईं। यह पहली बार है जब 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद से आयोजित हो रहे इस भव्य आयोजन में गवर्नर और दोनों डिप्टी सीएम मौजूद नहीं रहे। आमतौर पर दीपोत्सव कार्यक्रम को यूपी सरकार की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता रहा है, ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है।

विज्ञापन विवाद से भड़की नाराजगी

माना जा रहा है कि इस पूरे विवाद की जड़ एक विज्ञापन है। दीपोत्सव के अवसर पर रविवार को राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें प्रमुखता से थीं। वहीं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के नाम भी शामिल किए गए, लेकिन दोनों डिप्टी सीएम का कहीं जिक्र नहीं था। सूत्रों का कहना है कि इस उपेक्षा को दोनों उपमुख्यमंत्री ने ‘अपमान’ के रूप में लिया और उन्होंने कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला किया।बताया जा रहा है कि केशव प्रसाद मौर्य बिहार के दौरे से लौटने के बाद अयोध्या जाने वाले थे, लेकिन अचानक उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित कर दी। वहीं ब्रजेश पाठक ने भी अंतिम समय में दौरा रद्द कर दिया।

अखिलेश यादव का व्यंग्य, बीजेपी पर साधा निशाना

इस घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जनता जानना चाहती है।क्या यूपी सरकार में अब डिप्टी सीएम के पद खत्म कर दिए गए हैं? उन्होंने कहा कि विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिए गए हैं, लेकिन दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नहींअखिलेश ने आगे व्यंग्य किया, “जिनको जगह तक न मिली इश्तहार में, उनकी क्या अहमियत बची सरकार में।” उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पार्टी में “प्रभुत्ववादी सोच” हावी हो चुकी है, और “डबल इंजन की सरकार अब डबल डिब्बों की टक्कर” बन गई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दीपोत्सव जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति केवल व्यक्तिगत नाराजगी का संकेत नहीं, बल्कि बीजेपी के भीतर बढ़ती असहमति का भी प्रतीक है। अयोध्या का दीपोत्सव हमेशा से सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन मंच रहा है, लेकिन इस बार सुर्खियों में सजावट या भव्यता नहीं, बल्कि गुमनाम चेहरे हैं।

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