पेरिस ओलिंपिक में सिर्फ विनेश फोगाट का दिल नहीं टूटा था। टूटा था करोड़ों भारतीयों का दिल। 100 ग्राम ओवरवेट पाए जाने से फोगाट इतिहास रचने से चूक गई थीं। उसके बाद उन्होंने कुश्ती को अलविदा कह दिया। राजनीति में कदम रखा। विधायक भी बनीं लेकिन पेरिस की वो कसक उन्हें चैन से जीने नहीं दे रही थी। आखिरकार, देश की इस बहादुर बेटी ने फिर से मैट पर वापसी का ऐलान किया है। लक्ष्य है लॉस ऐंजिलिस ओलिंपिक्स 2028। सपना है ओलिंपिक पोडियम पर खड़े होकर तिरंगा लहराना।
विनेश फोगाट की वापसी
18 महीने बाद फिर लौटीं मैट पर
विनेश ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने खुद से बहुत सवाल पूछे और खेल से दूर रहकर अपने सफर को समझने की कोशिश की। विनेश ने लिखा, ‘लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस ही अंत था। काफी लंबे समय तक, मेरे पास कोई जवाब नहीं था। मुझे मैट से दूर होने की जरूरत थी। दबाव से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपनी खुद की महत्वाकांक्षाओं से भी दूर रहने की जरूरत थी। कई वर्षों में पहली बार, मैंने खुद को सच में सांस लेने दिया।
सोशल मीडिया पर दिया बयान
विनेश ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर लिखा, “लोग मुझसे पूछते रहते थे कि पेरिस अंत था। लंबे समय तक मेरे पास इस बात का जवाब नहीं था। मुझे मैट से, उम्मीदों, दबाव और अपनी खुद की महत्वकांक्षा से दूर रहना था। सालों में पहली बार मैंने अपने आप को मौका दिया।”
ओलंपिक में की थी शानदार प्रदर्शन
विनेश फोगाट पेरिस ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन के बावजूद दुर्भाग्यशाली रहीं। गोल्ड मेडल के मुकाबले से पहले उनका अपनी कैटिगरी में 100 ग्राम वजन ज्यादा पाया गया, इस वजह से वह ओलिंपिक के इतिहास में गोल्ड के लिए कुश्ती में मुकाबला करने वाली पहली भारतीय महिला बनने से चूक गईं थीं।
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