महिला हॉकी विवाद की जड़ में सीनियर खिलाड़ी: बलदेव

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भारतीय हॉकी टीम के हैड कोच हरेंद्र सिँह के पद छोड़ने की खबर से हॉकी हलकों में हड़कंप मचा है l मीडिया उनके स्तीफे के कारणों की जांच पड़ताल में जुटा है l लेकिन हॉकी इंडिया के शीर्ष पदाधिकारी अध्यक्ष दिलीप टिर्की और सचिव भोला सिँह कुछ तो है,जिसे छिपा रहे हैं l दोनों ही महानुभाओं ने इस्तीफे के कारणों की जांच पड़ताल करने की बजाय सीधे सीधे हरेंद्र को इस्तीफ़ा देने पर धन्यवाद दिया और उन्हें भविष्य के लिए शुभ कामना दी है l यह व्यवहार शक पैदा करने वाला है l

हरेंद्र ने अप्रैल 2024 में पद संभाला था l उम्मीद की जा रही थी कि वे ओलम्पिक तक पद पर बने रहेंगे लेकिन अचानक उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद त्याग किया है l हो सकता है कि वे सही कह रहे हैं लेकिन देश में एक शख्श है जिसे दाल में कुछ काला नज़र आता है l ये महाशय हैं पूर्व कोच और देश को सौ से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले शाहबाद के साई कोच बलदेव सिँह l बलदेव उन बिरले कोचों में से हैं जिनके अनुशासन और सख्त रवैये की चर्चा आम थी l रिटायर होने से पहले उन्होंने शाहबाद मारकंडा की हॉकी अकादमी से भारतीय महिला हॉकी को दर्जनों नामी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार कर वाह वाह लूटी और द्रोणाचार्य अवार्ड सहित कई सम्मान पाए l हालांकि भारतीय हॉकी और उसका पिछलग्गू मीडिया इस मुद्दे पर लगभग मौन है लेकिन बेझिझक राय व्यक्त करने वाले बलदेव का कहना है कि कुछ सीनियर लड़कियों को हरेंद्र का अनुशासन पसंद नहीं था और लगातार कोच की अनदेखी कर रही थीं l हालांकि बलदेव ने उस प्रदेश का नाम भी लिया जिसकी लड़कियों ने हरेंद्र को इस्तीफ़ा देने पर मज़बूर किया है लेकिन फिलहाल उल्लेख करना ठीक नहीं होगा l बलदेव यह भी कहते हैं कि हॉकी इंडिया और आइओए के कुछ पूर्व अधिकारियों की गंदी राजनीति के चलते हरेंद्र ने पद छोड़ा है l

हरेंद्र के इस्तीफे को अलग अलग एंगल से देखा परखा जा रहा है l कोई कह रहा है कि उसकी अधिकारीयों से नहीं पट रही तो दूसरा कहता है कि कुछ लड़कियों ने उसकी लिखित शिकायत की है लेकिन बलदेव उसे एक अच्छा कोच और बेहतर इंसान मानते हैं l उनका मानना है कि चार छह सीनियर खिलाड़ियों को वह फूटी आँख नहीं भा रहा था l इसमें दो राय नहीं कि महिला टीम के प्रदर्शन में कुछ खास सुधार नहीं हुआ क्योंकि सीनियर खिलाड़ी मनमर्जी से काम कर रही हैं और निरंकुश हो गई हैं l बलदेव ने खुल कर कहा कि भारतीय महिला हॉकी सीनियर्स को सर चढ़ाने की सजा भुगत रही है l बनलदेव के अनुसार कोई अन्य कारण हो सकता है लेकिन खिलाड़ी कोच- विवाद कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था और कोच बलि का बकरा बन गया l

Rajender Sajwan Rajender Sajwan,
Senior, Sports Journalist
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