देश में क्रिकेट को लेकर कितना क्रेज है यह सभी जानते हैं। देश में सिर्फ क्रिकेट ही नहीं क्रिकेट खेलने वाले सभी प्लेयर्स का भी जनता बहुत सम्मान करती है और उन्हें प्यार देती है।हाल ही में भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे चौथे टेस्ट मैच मे।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने न सिर्फ अपनी टीम को मजबूती दी, बल्कि क्रिकेट के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया। लेकिन दूसरे दिन भारत की पहली पारी 358 रनों पर सिमटी, लेकिन इस स्कोर तक पहुंचाने में पंत की साहसिक पारी की अहम भूमिका रही। क्रिकेट करियर में ऋषभ पंत ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। कुछ साल पहले उनका एक भयंकर एक्सीडेंट भी हुआ था। लेकिन उन्होंने हार नहीं माना और अपनी हिम्मत के दम पर बहुत जल्दी क्रिकेट की दुनिया में दोबारा कदम रखा। अब उन्होंने अपने नाम कई बड़े रिकॉर्ड्स हासिल किए हैं।
चोट के बावजूद मैदान पर लौटे पंत
आखिरी मैच में ऋषभ पंत गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे।दाहिने पैर के अंगूठे में चोट के कारण जब ऋषभ पंत 37 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुए, तब ऐसा लगा कि भारत की बल्लेबाज़ी को बड़ा झटका लग सकता है। लेकिन पंत ने मैदान पर वापस लौटने का फैसला कर सभी को चौंका दिया। उन्होंने दर्द को दरकिनार करते हुए 75 गेंदों में 54 रनों की मूल्यवान पारी खेली। इस दौरान उन्होंने तीन चौके और दो छक्के लगाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनका यह अर्धशतक 69 गेंदों में पूरा हुआ।ऋषभ पैंट कैसे बल्लेबाज हैं जिन्हें सभी लोग पसंद करते हैं। वे अच्छे बल्लेबाज के साथ-साथ एक बेहतरीन विकेटकीपर भी है। जिन्होंने सभी मैच में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही कहीं ऐसे मैच भी है जिसमें उन्होंने देश की जीत के लिए अपना 100% दिया है। इंग्लैंड मैच के दौरान ऋषभ पंत ने न केवल अर्धशतक जमाया बल्कि एक बेहद खास उपलब्धि भी हासिल की। बता दे कि वह अब विदेशी सरज़मीं पर किसी एक देश के खिलाफ सबसे ज़्यादा बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज़ बन गए हैं। इंग्लैंड की धरती पर यह उनका नौवां 50+ स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम था, जिन्होंने इंग्लैंड में ही आठ बार यह कारनामा किया था ।चार बार 2008-09 के दौरे में और चार बार 2014 के इंग्लैंड दौरे पर।
श्रृंखला में पंत का शानदार प्रदर्शन
मौजूदा टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। अब तक खेले गए चार टेस्ट मैचों की सात पारियों में उन्होंने 479 रन बनाए हैं, जिसकी औसत 68.43 रही है। यह आंकड़ा न सिर्फ उनके निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वह संकट की घड़ी में टीम के लिए कितने उपयोगी साबित हो सकते हैं।ऋषभ पंत की वापसी और अर्धशतक ने भारत को चौथे टेस्ट में मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम किया। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की अगुवाई में भारतीय पारी को जरूर समेट दिया गया, लेकिन पंत की जुझारू बल्लेबाज़ी ने मैच को पूरी तरह से इंग्लैंड के पक्ष में नहीं जाने दिया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पंत की यह पारी भारत को जीत की ओर कितना आगे ले जाती है।इस साहसी प्रदर्शन के साथ ऋषभ पंत एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी के साथ खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी टीम का संबल बन सकते हैं।
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