उत्तराखंड में मानसून की तबाही लगातार जारी है और इसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ रहा है। केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है, क्योंकि क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश ने यात्रा मार्गों को असुरक्षित बना दिया है। तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोक दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।लगातार हो रही बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क कर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके। लेकिन प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। लेकिन भारी बारिश के कारण सड़क जाम हो गया हैं। सड़कों पर मलबा जमा हो गया है और कई वाहन फंसे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग और राहत एजेंसियां रास्ते को बहाल करने में जुटी हैं, ताकि जल्द से जल्द यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू की जा सके।गौरीकुंड क्षेत्र में भी भूस्खलन के कारण रास्ते पर मलबा भर गया है, लेकिन प्रशासन ने तेजी से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को जल्द साफ कर दिया जाएगा ताकि यात्रा फिर से बहाल हो सके।
भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
प्रदेश के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिजली और पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले बरकोट के पास बादल फटने की घटना ने स्थिति और भी गंभीर कर दी थी। इससे कई घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है।मौसम विभाग ने आगामी 7 और 8 जुलाई को उत्तराखंड के चार जिलों – टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी – में भूस्खलन की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और अधिक सतर्क रहें। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।केदारनाथ यात्रा हिंदू धर्म के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, केदारनाथ मंदिर की ओर जाती है, जो समुद्र तल से 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर चारधाम यात्रा का भी एक अहम हिस्सा है, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं।
प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को समझें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहें।और अपना ध्यान रखें साथ ही प्रशासन की बातें सुने
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