वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, बोले – “जब राधारानी चाहेंगी, तब तक सांसें चलेंगी”

Premanand Ji Maharaj

New Delhi: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज इन दिनों स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका नियमित डायलिसिस किया जा रहा है। वृंदावन स्थित कृष्ण शरणम कॉलोनी में उनके आवास पर ही पूरा मेडिकल सेटअप तैयार किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और चिकित्सकीय स्टाफ की टीम लगातार उनकी सेवा में जुटी है।

महाराज ने खुद दी सेहत की जानकारी

हाल ही में जारी एक वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने अपनी सेहत को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके शरीर की सूजन अब कम हो गई है, हाथ ठीक से काम कर रहे हैं और आंखें खुलने लगी हैं। वीडियो में उनके हाथों में पट्टी बंधी हुई दिखाई दी। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “जब राधारानी चाहेंगी, तब तक मेरी सांसें चलेंगी।” इस संदेश के बाद देशभर में फैले उनके लाखों भक्त लगातार उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

साधारण भोजन और चिकित्सकीय अनुशासन

डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, महाराज इन दिनों केवल शुद्ध और हल्का भोजन कर रहे हैं। दिनभर में उन्हें केवल एक से डेढ़ लीटर पानी पीने की अनुमति है। उनके भोजन में नमक की मात्रा बेहद कम रखी जाती है, और उन्हें किसी भी प्रकार का जूस या बाहरी तरल पदार्थ नहीं दिया जा रहा। वहीं तला-भुना और मसालेदार भोजन पूरी तरह वर्जित है। चिकित्सकों के अनुसार, हर बार डायलिसिस की प्रक्रिया में लगभग चार घंटे का समय लगता है।

“राधा-कृष्ण को खुद से अलग नहीं कर सकता”

प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों में से कई लोगों ने उन्हें अपनी किडनी दान करने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे नम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया। महाराज ने अपनी दोनों किडनियों का नाम ‘राधा’ और ‘कृष्ण’ रखा है। उनका कहना है कि वे राधा-कृष्ण को खुद से अलग नहीं कर सकते। भक्तों का मानना है कि महाराज का यह भाव उनकी गहरी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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