New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। स्मॉग की मोटी परत के कारण वातावरण में धुंध छाई हुई है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। अस्पतालों में खांसी, गले में जलन, आंखों में खुजली और सांस फूलने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नागरिक संगठन लोकलसर्किल्स के सर्वे के मुताबिक, दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के 15,000 से अधिक लोगों ने प्रदूषण से जुड़ी अपनी समस्याएं बताईं।
बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
डॉक्टरों का कहना है कि इस जहरीली हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से दिल या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर पड़ रहा है। कई अस्पतालों में ऐसे मरीजों के लिए अलग वार्ड और ओपीडी शुरू कर दी गई हैं। सर्वे के अनुसार, 75 प्रतिशत घरों में किसी न किसी सदस्य को कोविड, फ्लू या वायरल जैसे लक्षण हैं। वहीं 42 प्रतिशत लोगों को गले में खराश और खांसी की शिकायत है, 25 प्रतिशत को आंखों में जलन और सिरदर्द की दिक्कत, जबकि 17 प्रतिशत लोग सांस फूलने और अस्थमा की समस्या से परेशान हैं।
अस्पतालों में बढ़े सांस और आंखों के मरीज
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, मरीजों में घरघराहट, नाक बंद होना और आंखों में जलन जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। स्कूली बच्चे और बुजुर्ग इन लक्षणों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अस्पताल ने श्वसन रोगों के लिए अलग निगरानी कक्ष तक बना रखा है। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मामले 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ गए हैं। विशेषज्ञ अब बच्चों के चिकित्सकों और हृदय रोग विशेषज्ञों के साथ मिलकर इलाज कर रहे हैं।
दिवाली के बाद तेजी से बिगड़ी स्थिति
साकेत स्थित एक निजी अस्पताल के फेफड़ों के डॉक्टर ने बताया कि दीपावली के बाद से प्रदूषण में तेज उछाल देखा गया है। पिछले कुछ दिनों में खांसी, सीने में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत और नाक बंद होने की शिकायतें काफी बढ़ी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार सिर्फ संवेदनशील लोग ही नहीं, बल्कि पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति भी प्रदूषण के प्रभाव में आ रहे हैं। एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में लगातार खांसी, घरघराहट और ब्रोंकाइटिस के मामले बढ़े हैं। कई बच्चों को आंखों में जलन, गले में खराश और नींद न आने जैसी दिक्कतें हो रही हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी: सावधान रहें और करें बचाव
डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर न निकलने, एन95 मास्क पहनने, घर की खिड़कियां बंद रखने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने अधिक पानी पीने और आंखों की साफ-सफाई पर ध्यान देने की बात कही है। विशेषज्ञों ने सरकार से जीआरएपी (Graded Response Action Plan) के तहत सख्त कदम उठाने की अपील की है — जैसे पराली जलाने पर सख्त रोक, स्मॉग गन का उपयोग और रात में सड़कों की सफाई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर सकता है।
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Ms. Pooja, |
