संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर होगी 16 घंटे लंबी चर्चा, विपक्ष ने पीएम की मौजूदगी की रखी शर्त

Operation Sindoor 3

संसद में मानसून सत्र शुरू हो गया है। इस दौरान कई बड़े मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष मिलकर चर्चा करते हैं। संसद के मानसून सत्र में आने वाले मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा होने होगी।जो करीब 16 घंटे तक चलेगी। यह निर्णय विपक्षी दलों के अनुरोध के बाद लिया गया है, जिन्होंने संसद में प्रत्येक सप्ताह एक प्रमुख मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी। हालांकि मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा नहीं हो सकी, जिसकी प्रमुख वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी बताई जा रही है। बता दे की पहलगाम में आतंकी हमले के दौरान कई भारतीय मासूमों को आतंकवादियों ने बेरहमी से मार दिया था। जिसके जवाब में भारतीय सेवा ने ऑपरेशन सिंदूर चला कर दुश्मन देश को करारा जवाब दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई विपक्षियों ने इस पर सवाल भी उठाए थे। इससे जुड़ी कई खबरें भी सामने आई जिसे लेकर विपक्षी खुश नहीं थे।विपक्ष ने इस स्थगन पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बार-बार टालना संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन है और यह अस्वीकार्य है। वहीं गुरुवार को सदन में निवर्तमान सांसदों को औपचारिक विदाई दी जाएगी। इसके साथ ही कुछ विपक्षी सांसदों ने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को भी विदाई देने की मांग की थी, लेकिन यह प्रस्ताव सत्ता पक्ष द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।

प्रधानमंत्री की उपस्थिति पर विपक्ष का जोर

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ के घटक दलों ने स्पष्ट किया है कि वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में मौजूद रहें और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे अहम मुद्दों पर जवाब दें। उनका कहना है कि हमारे द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे। विपक्ष का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित मध्यस्थता दावे, और बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री की सीधी प्रतिक्रिया जरूरी है।इस मुद्दे पर संसद भवन परिसर में विपक्षी नेताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, द्रमुक नेता टीआर बालू समेत कई प्रमुख चेहरों ने भाग लिया।

मानसून सत्र के पहले तीन दिन विपक्ष के तेवर रहे तीखे

संसद का यह मानसून सत्र अब तक काफी तनावपूर्ण और हंगामेदार रहा है। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर तत्काल चर्चा की मांग की थी। इसके बाद के दो दिनों में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला।मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के भीतर और बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरनाक संकेत है। अब आने वाले मंगलवार को संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा की जाएगी। जिसको लेकर विपक्षियों ने शर्त रखा है कि इस चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

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