लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। यह धमकी इंस्टाग्राम के माध्यम से दी गई थी, जिसमें चिराग पासवान को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया है।यह कार्रवाई बिहार के समस्तीपुर जिले की साइबर क्राइम टीम द्वारा की गई। जांच के बाद यह सामने आया कि धमकी देने वाला युवक मोहम्मद मेराज है, जिसकी उम्र 21 वर्ष है और वह समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत भिरहा वार्ड नंबर 7 का निवासी है। मेराज को बेगूसराय जिले के तेघड़ा से पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है, इसलिए गिरफ्तारी के बाद उसे चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।
इंस्टाग्राम कमेंट में दी गई थी धमकी
मामला 11 जुलाई का है, जब इंस्टाग्राम पर चिराग पासवान को लेकर एक पोस्ट पर कमेंट में धमकी दी गई थी कि उन्हें 20 जुलाई को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस धमकी की जानकारी मिलते ही पटना स्थित साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही समस्तीपुर जिले के लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष ने भी औपचारिक शिकायत दी थी।जांच के दौरान जब सोशल मीडिया पर निगरानी रखी गई, तो एक यूजर साहिल सफीक के कमेंट पर पुलिस की नजर पड़ी। पूछताछ में साहिल ने बताया कि धमकी मेराज ने दी थी और उसने ही उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी दी। पुलिस ने साहिल से मिले इनपुट के आधार पर मेराज को बेगूसराय के तेघड़ा इलाके से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद मेराज ने स्वीकार किया कि उसी के इंस्टाग्राम अकाउंट से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को धमकी दी गई थी। उसने कबूल किया कि उसने 20 जुलाई को बम धमाके की धमकी दी थी, जिसके चलते पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
लोजपा के प्रवक्ता ने की थी शिकायत
इस पूरे मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट ने पटना साइबर थाना में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने इसे पार्टी के शीर्ष नेता के खिलाफ गंभीर साजिश करार दिया था। पुलिस ने समय रहते इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए आरोपी को पकड़ कर एक बड़ी घटना को टालने में सफलता प्राप्त की।फिलहाल आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वह मानसिक रूप से स्वस्थ है या नहीं। पुलिस अब आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। सोशल मीडिया पर इस तरह की धमकियां और अफवाहें फैलाना कानूनन अपराध है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।यह मामला सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आज़ादी और कानून की सीमाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को भी उजागर करता है।
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