बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण को लेकर राज्य में विपक्षी दलों के बवाल के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के अघोषित CM कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार पर विपक्षी दलों के अलायंस में चर्चा की बात से इनकार नहीं किया है। विधानसभा में भी इस पर काफी हंगामा हो रहा है और आज भी विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए। वहीं, चुनाव आयोग ने बुधवार शाम को बयान जारी कर बताया है कि वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया में 98 फीसदी मतदाता कवर हो चुके हैं।
बहिष्कार के विकल्प पर दिया जवाब
तेजस्वी यादव ने चुनाव बहिष्कार के विकल्प पर विचार के सवाल पर जवाब में कहा- “हो सकता है। इस बात पर भी चर्चा हो सकती है। वो हम लोग देखेंगे कि जनता क्या चाहती है और सब लोगों का क्या राय है। अगर ऐसा करना पड़े। जब आप बेईमानी से सब कुछ तैयार कर रखे हैं कि इसको इतना सीट देना है, उसको इतना सीट देना है तो चुनाव ही मत कराओ। तो इसमें देखा जाएगा कि क्या करना है।”
बिहार चुनाव अधिकारियों ने साझा की जानकारी
बिहार के चुनाव अधिकारियों ने उन 21.36 लाख मतदाताओं की विस्तृत सूची साझा की है, जिनके गणना फॉर्म अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं. इसके अलावा, उन्होंने लगभग 52.30 लाख ऐसे मतदाताओं की भी सूची साझा की है, जिनकी या तो मौत हो चुकी है या वे स्थायी रूप से कहीं और जाकर रहने लगे हैं या फिर उन्होंने एक से अधिक जगहों पर अपना नाम पंजीकृत करा रखा है.
बहिष्कार की बात पर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव के बिहार चुनाव के बहिष्कार वाली बात पर अब जेडीयू और बीजेपी नेताओं ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है. बिहार बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव बहिष्कार का बयान उनकी हताशा और हार की आशंका को दर्शाता है. लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और इसे दबाने की धमकी देना अलोकतांत्रिक और गैर-जिम्मेदाराना है. चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और वोटर लिस्ट पुनरीक्षण एक पारदर्शी प्रक्रिया है जिसे तेजस्वी बिना सबूत के साजिश बता रहे हैं.
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