RSS महासचिव ने आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में इमरजेंसी में संविधान की हत्या को लेकर बयान दिया था। जिसके जवाब में राहुल गांधी ने उनपर पलटवार किया है।राहुल ने कहा कि RSS और BJP को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए। संविधान इन्हें चुभता है, क्योंकि वो समानता, धर्मनिरपेक्षता और न्याय की बात करता है।दरअसल, होसबाले 26 जून को दिल्ली में हुए ‘आपातकाल के 50 साल’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा था, “मूल संविधान में सोशलिस्ट और सेक्युलर शब्द नहीं थे। इमरजेंसी के समय देश में संसद और न्यायपालिका दोनों काम नहीं कर रही थीं। इस दौरान इन दो शब्दों को जोड़ दिया गया। ये शब्द रहें या नहीं, इस पर बहस होनी चाहिए।
राहुल बोले- बीजेपी- RSS बहुजनों-गरीबों को दोबारा गुलाम बनाना चाहती हैं
राहुल गांधी ने होसबाले के इसी बयान पर जवाब दिया। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- भाजपा-RSS बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं। संविधान जैसा ताकतवर हथियार उनसे छीनना इनका असली एजेंडा है।
कैसे किया गया था संविधान में सेक्युलर-सोशलिस्ट शब्द शामिल?
दरअसल ‘सेक्युलर’ और ‘सोशलिस्ट’ शब्द 1976 में 42वें संशोधन के जरिए शामिल किए गए थे। इस दौरान देश में आपातकाल था। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। यह 21 मार्च 1977 यानी 21 महीने तक लागू रहा था। भाजपा इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मानती है।ऐसी व्यवस्था जिसमें आर्थिक और सामाजिक समानता हो, संसाधनों का समान वितरण हो और गरीबों, कमजोरों के अधिकारों की रक्षा की जाए। यानी भारत में आर्थिक और सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया जाएगा।राज्य सभी धर्मों का समान सम्मान करता है, किसी एक धर्म का पक्ष नहीं लेता और धर्म से ऊपर उठकर शासन करता है। यानी भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र रहेगा, जहां सभी धर्मों का समान सम्मान होगा और राज्य किसी एक धर्म का पक्ष नहीं लेगा।
PM मोदी ने इमरजेंसी को इतिहास का काला अध्याय बताया
पीएम मोदी की अध्यक्षता में 25 जून को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर एक प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद आपातकाल के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के रूप में दो मिनट का मौन रखा गया। मोदी ने लिखा था, “इमरजेंसी लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। भारत के लोग इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का प्रेस कॉन्फ्रेंस..
इमरजेंसी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, “जिस बात को 50 साल हो गए, ये लोग उसे बार-बार दोहरा रहे हैं। जिनका देश की आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं, जिनका संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा। वे हमेशा संविधान के खिलाफ बात करते हैं।उन्होंने कहा कि अंबेडकर, नेहरू और संविधान सभा ने जो संविधान तैयार किया उस संविधान को भी भाजपा ने रामलीला मैदान में जलाया। उन्होंने अंबेडकर, नेहरू गांधी की फोटो जलाई थी। मनुस्मृति के तत्व संविधान में नहीं थे इसलिए वे संविधान को नहीं मानते।”
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