राहुल गांधी का ट्रंप बयान पर हमला पड़ा उल्टा, सहयोगियों ने भी जताई असहमति

Rahul

2025 का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। जब से मानसून सत्र शुरू हुआ तब से लगातार पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर है। लगातार किसी न किसी मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर सवाल खड़े कर रहे। अब इसी से जुड़ी एक खबर सामने आई है। बता दे कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत अर्थव्यवस्थ कहे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन उनका यह वार खुद उनकी ही पार्टी और सहयोगी दलों से समर्थन नहीं जुटा सका। बीजेपी ने तो पलटवार किया ही, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए भारत की आर्थिक मजबूती पर भरोसा जताया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत की अर्थव्यवस्था को डेड इकोनामी बताएं जिसे लेकर राहुल गांधी ने उनका सपोर्ट किया था। राहुल गांधी ने ट्रंप के बयान को मुद्दा बनाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया, लेकिन कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस बयान से खुद को अलग कर लिया। शशि थरूर ने साफ कहा कि भारत को अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए और देश की अर्थव्यवस्था की ताकत को कम करके नहीं आंका जा सकता। उनका कहना था कि भारत के पास वैश्विक व्यापार के कई विकल्प हैं और वह अमेरिका पर निर्भर नहीं है।

भारत के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं

राशि थारो ने कहा कि भारत की इकोनॉमी था इकोनामी नहीं है। हमें अपनी देश की इकोनॉमी का सम्मान करना चाहिए और उसके सपोर्ट में खड़े रहना चाहिए।थरूर ने आगे कहा कि भारत यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर काम कर रहा है। यदि अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल भी हो जाए, तो भी भारत अपने बाजारों का विस्तार और विविधीकरण कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान से अधिक घबराने की जरूरत नहीं है।राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने ट्रंप के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और किसी बाहरी देश का यह दावा करना कि वह भारत को आर्थिक रूप से कमजोर कर सकता है, सरासर भ्रम है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान के बीच कोई भी तेल समझौता भारत की आर्थिक नीति को प्रभावित नहीं कर सकता, क्योंकि भारत स्वतंत्र रूप से अपने व्यापारिक निर्णय लेता है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रंप की आलोचना की,

इस बयान के बाद शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए भारतीय इकोनॉमी को डेड इकोनामी वाले बयान पर जमकर घेरा है।शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रंप के मृत अर्थव्यवस्था वाले बयान की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह बयान या तो घमंड से भरा है या फिर अज्ञानता का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत फिलहाल दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और उसके आर्थिक प्रदर्शन को मृत कहकर कमतर आंकना अनुचित है। हालांकि उन्होंने भारत में प्रति व्यक्ति आय को लेकर चुनौतियों की बात जरूर स्वीकारी, लेकिन यह भी साफ किया कि इन चुनौतियों का अर्थ यह नहीं कि भारत की अर्थव्यवस्था मृतप्राय है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में उपयुक्त फैसले लेने में सक्षम हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह संकट के समय भी सरकार का समर्थन नहीं करता और पाकिस्तान की भाषा बोलता है, जो देशभक्ति नहीं बल्कि अवसरवाद है।डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान ने भारत की आंतरिक राजनीति में एक नया मोड़ जरूर ला दिया, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि देश के भीतर ही आर्थिक मुद्दों को लेकर एकरूपता नहीं है। जहां कुछ नेता ट्रंप की टिप्पणी को हथियार बना रहे हैं, वहीं अन्य इसे भारत की गरिमा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर हमला मानते हुए खारिज कर रहे हैं।

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