भारत हर एक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहा है। चाहे वह सैन्य क्षेत्र हो, अंतरिक्ष क्षेत्र हो या फिर देश के अर्थव्यवस्था लगातार देश सभी क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। अभी जहां भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। तो वहीं भारत और जापान के बीच रिश्ता और गहरा होता हुआ नजर आ रहा है। आपको बता दे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा के बीच चंद्रयान-5 मिशन के लिए हुए समझौते का स्वागत किया। यह मिशन लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन परियोजना के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव और वहां छिपे संसाधनों, खासकर पानी की बर्फ की खोज करेगा। यह भारत का पांचवां चंद्रयान मिशन होगा। इससे पहले 2023 में भारत ने चंद्रयान-3 के जरिये इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी, जिसकी दुनियाभर में सराहना हुई।
समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी
इस मीटिंग के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता को सारी जानकारी दी।जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा हम इसरो और जाक्सा के बीच चंद्रयान-5 मिशन के लिए सहयोग का स्वागत करते हैं। हमारी सक्रिय भागीदारी अब पृथ्वी की सीमाओं से आगे बढ़ चुकी है और यह मानवता की प्रगति का प्रतीक बनेगी।’ पीएम मोदी ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक यात्रा दृढ़ निश्चय, मेहनत और नवाचार का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जापानी तकनीक और भारतीय नवाचार मिलकर नई ऊंचाइयों को छुएजापान का एच3-24एल रॉकेट अंतरिक्ष में भेजेगा। इसरो लैंडर और कुछ वैज्ञानिक उपकरण बनाएगा। जबकि जापान इसरो के लैंडर के साथ अपना रोवर भेजेगा।पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रमा की सतह पर और गहराई से खोज की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी की बर्फ मौजूद हो सकती है। यही आने वाले समय में मानव बस्ती और गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन साबित होंगे। उन्होंने बताया कि यह सहयोग केवल सरकार-से-सरकार स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों की स्टार्टअप कंपनियां और उद्योग भी जुड़े हैं। इससे नई तकनीक, शोध और साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 5 मिशन से देश और प्रगति की ओर बढ़ेगा। और इससे देश में स्टार्टअप कंपनियों और उद्योग में भी परम मुनाफा होगा।
आखिर कब मनाया जाता है अंतरिक्ष दिवस?
भारत देश 23 अगस्त को अपना अंतरिक्ष दिवस मनाता है। अंतरिक्ष दिवस सन 2023 से शुरू हुआ जब पहली बार चांद पर चंद्रयान 3 सफलता पूर्वक पहुंचा। जिसके बाद भारत विश्व का चौथा राज्य बन गया जिसने चांद पर कदम रखा था। भारत ने कभी रुकना नहीं सीखा है वह लगातार आगे बढ़ रहा है और बढ़ता रहेगा। अब इसी क्रम में देश के प्रधानमंत्री और हमारे साइंटिस्ट चंद्रयान 5 को लेकर जोरों शोरों से काम में लगे हुए हैं।भारत ने अपने दीर्घकालिक अंतरिक्ष विजन में लक्ष्य रखा है कि साल 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे। चंद्रयान-5 और लूपेक्स मिशन इस बड़ी यात्रा की दिशा में अहम पड़ाव साबित होंगे। पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी साझेदारी अंतरिक्ष में नई सीमाएं खोलेगी और साथ ही धरती पर लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाएगी।
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