पीएम मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ कार्यालय का उद्घाटन किया, कहा— गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पा ली है

Seva Teerth

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज ‘सेवा तीर्थ’ नामक नए कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश अब “गुलामी की मानसिकता” से बाहर निकल चुका है और आत्मविश्वास के साथ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने इसे जनभागीदारी और सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत बताया। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने प्रशासनिक सोच, कार्यशैली और निर्णय लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक देश पर औपनिवेशिक प्रभाव की छाया रही, जिसका असर संस्थागत ढांचे और मानसिकता पर भी पड़ा। लेकिन अब भारत अपनी पहचान, परंपरा और सामर्थ्य के आधार पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।

‘सेवा तीर्थ’ कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह नया परिसर उसी सोच का विस्तार है, जहां जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहा है। देश की नीतियों में स्वदेशी सोच और आत्मसम्मान की भावना स्पष्ट दिखाई देती है।

समारोह के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उनके अनुसार, “सेवा तीर्थ” जैसे संस्थान केवल प्रशासनिक ढांचे नहीं, बल्कि नए भारत की कार्यसंस्कृति के प्रतीक हैं।

××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group

https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *