बिहार पुलिस ने एक पुराने मामले में पूर्णिया निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पटना शहर के एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह 1995 का मामला है, जो पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज था और अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) में परिवर्तित हो चुका है। इस केस में धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी लगाई गई हैं। यह मामला गर्दनीबाग थाने से संबंधित है।
क्यों उठाया गया ये कदम ?
कोर्ट ने जिन अन्य लोगों के खिलाफ ये आदेश पारित किया है, उनमें शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद भी शामिल हैं। आरोपितों की लगातार अनुपस्थिति के कारण ये सख्त कदम उठाया गया है। पुलिस सांसद को हर हाल में अपने साथ ले जाना चाहती थी। इसकी वजह से पप्पू यादव के आवास पर हंगामा भी हुआ।
पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंचीं पुलिस
पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पटना में उनके आवास पर पहुंची थी। इस पर पप्पू यादव ने कहा, “मेरी लड़ाई न्याय को लेकर है और मुझे शंका है कि ये लोग मुझे मार सकते हैं। मैं सीधे यहां से कोर्ट जाऊंगा। मैं पुलिस स्टेशन नहीं जाऊंगा। अगर वे चाहें तो मुझे हाउस अरेस्ट कर सकते हैं… कोर्ट ने मुझे कल बुलाया है। पुलिस अपराधी की तरह सिविल ड्रेस में यहां आई। मुझे लगा कि वे मुझे मारने आए हैं। क्या यह किसी अपराधी का घर है? करीब 35 साल पहले एक केस दर्ज हुआ थी और पुलिस उसी केस के सिलसिले में मुझे गिरफ्तार करने आई थी।”
पप्पू यादव का बयान
पप्पू यादव ने कहा कि ये तो वही लोग बताएंगे क्यों गिरफ्तार करने आए थे। न कई सम्मन और न कोई वारंट। दीपक नाम का शख्स सिविल ड्रेस में आया और क्रिमिनल जैसा व्यवहार करने लगा। पप्पू यादव ने कहा कि हमें लगा कहीं गोली तो नहीं मार देगा,ये कौन आ गया।
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