देश उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कुछ महीने पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद देश में उपराष्ट्रपति का पद खाली हो गया था। वहीं जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई थी।वही चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है।जिसके बाद देश के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए 9 सितंबर को मतदान होना है। उससे एक दिन पहले यानी 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सभी सांसदों को विशेष रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है। माना जा रहा है कि इस आयोजन के ज़रिए गठबंधन अपनी एकजुटता और मजबूती का संदेश देना चाहता है।
एनडीए का उम्मीदवार और तैयारियां
इस बार एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके और तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। राजनीतिक हलकों में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि गठबंधन चाहता है कि यह जीत बड़े अंतर से दर्ज हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सांसदों को 6 से 8 सितंबर तक दिल्ली में विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए कहा गया है। इस दौरान उन्हें मतदान की प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी ताकि वोट डालते समय कोई तकनीकी गलती न हो।
गुप्त मतदान में सावधानी की ज़रूरत
उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है और इसमें व्हिप लागू नहीं होता। ऐसे में गठबंधन के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि उसके सभी सांसद पूरी तैयारी के साथ वोट डालें। यही वजह है कि एनडीए ने तीन दिनों तक लगातार सांसदों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है।एनडीए की रणनीति केवल अपने सांसदों तक सीमित नहीं है। गठबंधन ने उन विपक्षी दलों से भी संपर्क साधा है, जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार बीजेडी, वाईएसआरसीपी और बीआरएस जैसे दल राधाकृष्णन को समर्थन दे सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो उनकी जीत का अंतर और भी बढ़ जाएगा।
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