New Delhi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए होटल तक साथ जाने की इच्छा जताई। इसके लिए उन्होंने लगभग 10 मिनट तक इंतजार भी किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार हुए और करीब 45 मिनट तक आपसी बातचीत की। कार में हुई यह मुलाकात सीधे द्विपक्षीय बैठक स्थल तक चली, जहां आगे एक घंटे तक अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत जारी रही। इस मुलाकात की तस्वीरें पूरी दुनिया में छा गईं।
शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के बाद बढ़ी दिलचस्पी
चीन के तियानजिन में संपन्न हुआ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन औपचारिक रूप से तो समाप्त हो गया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन का साथ में कार से निकलना वैश्विक मीडिया के लिए सबसे अहम क्षण साबित हुआ। दोनों की यह तस्वीर दुनिया को दोस्ती का स्पष्ट संदेश दे रही थी, खासकर उन देशों के लिए जो भारत-रूस संबंधों को कमजोर करने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
भारत–रूस दोस्ती पर पीएम मोदी का बयान
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूस और भारत का रिश्ता हमेशा विशेष रहा है। उन्होंने पुतिन से कहा, “आपसे मिलना हमेशा यादगार होता है। हमने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की है और कठिन परिस्थितियों में भी भारत और रूस ने कंधे से कंधा मिलाकर कदम बढ़ाए हैं।” मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और रूस के बीच लगातार उच्च-स्तरीय बैठकें होती रही हैं, जो इस रिश्ते को और मजबूत बनाती हैं।
पुतिन ने भारत को बताया अहम साझेदार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत को एक महत्वपूर्ण और विशेष साझेदार बताते हुए कहा कि भारत–रूस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ 2025 में पूरी होगी। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच बहुआयामी रिश्ते हैं और इस बैठक से इन संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका और योगदान की सराहना करते हुए भारत आने की इच्छा भी जताई।
यूक्रेन संकट पर भारत की भूमिका
पुतिन ने खासतौर पर यूक्रेन संकट के समाधान में भारत की भूमिका को अहम माना। उन्होंने कहा कि रूस भारत और अन्य रणनीतिक साझेदारों के प्रयासों को अत्यधिक महत्व देता है। पुतिन ने विश्वास जताया कि भारत जैसे देश वैश्विक शांति और स्थिरता में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
ट्रंप के टैरिफ बम के बीच भारत की मजबूती
भारत–रूस दोस्ती की मजबूती का एक और बड़ा उदाहरण तब सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर आरोप लगाए और टैरिफ बढ़ा दिए। इसके बावजूद भारत ने पीछे हटने से इनकार कर दिया और अपने हितों को प्राथमिकता दी। यही नहीं, भारत ने पुतिन के साथ गर्मजोशी से मुलाकात कर दुनिया को यह संकेत भी दिया कि भारत–रूस संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं।
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Ms. Pooja, |
