कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी से मांगा स्पष्टीकरण, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर जवाब तलब

Rahul Gandhi 3

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।उन्होंने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की तरफ से फेक वोटर्स की पहचान के लिए कराई गई जांच की डिटेल मीडिया के सामने रखी।उन्होंने कहा कि वोट संविधान की नींव है, लेकिन क्या सही लोगों को वोट देने का अधिकार हासिल है या फिर फर्जी मतदाताओं को लिस्ट में जोड़ा गया है। नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों में कथित धांधली को लेकर उठाए गए सवालों के बाद कर्नाटक में चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनके आरोपों पर जवाब मांगा है। इस पत्र में उनसे आग्रह किया गया है कि वह निर्वाचन नियमों के तहत शपथपत्र प्रस्तुत करें, जिसमें उन मतदाताओं की जानकारी दी जाए, जिनके नाम को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।

चुनाव आयोग ने मांगा विवरण

मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची की प्रामाणिकता पर संदेह है, तो वह संबंधित जानकारी नियम 20(3)(b) के तहत शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करे। पत्र में राहुल गांधी से अपेक्षा जताई गई है कि वे उन मतदाताओं के नाम लिखित में उपलब्ध कराएं, जिनके बारे में उन्होंने कहा था कि या तो वे अपात्र होने के बावजूद सूची में शामिल हैं या फिर पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर कर दिए गए हैं।हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने यह दावा किया था कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और देश के कुछ अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों से जुड़ी व्यापक अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि लाखों अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं जो पूरी तरह से योग्य थे। इस पर चिंता जताते हुए राहुल गांधी ने इसे “वोट की चोरी” करार दिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए।

राजनीतिक गलियारों में उठा तूफान

राहुल गांधी के इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह समस्या केवल दो-तीन राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस को आगामी चुनावों में हार का डर सता रहा है, इसी कारण वह इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था है, और इस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रणाली की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है।चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी तरह की कार्रवाई तभी संभव है जब राहुल गांधी अपने दावों को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज और नामों की सूची सौंपें। आयोग की मंशा है कि यदि सूची में कोई वास्तविक त्रुटि हो, तो उसकी जांच करके उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।अब देखना यह है कि राहुल गांधी आयोग के इस पत्र का क्या जवाब देते हैं और क्या वह अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं या नहीं। फिलहाल, यह मामला देश की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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