New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण शनिवार से लागू कर दिया है। यह कदम हवा में धूल और प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को काबू में लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शनिवार को राजधानी दिल्ली का एक्यूआई 209 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
कोयले-लकड़ी के उपयोग पर पूरी तरह रोक
ग्रेप-1 के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई सख्त उपाय लागू किए गए हैं। सबसे अहम निर्णय के तहत होटलों, ढाबों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला प्रदूषण के एक प्रमुख स्रोत को बंद करने के इरादे से लिया गया है।
वाहनों और कचरे पर रखी जाएगी सख्त निगरानी
समिति के अनुसार, तेज हवाओं के कारण उड़ने वाली धूल भी प्रदूषण में इज़ाफा कर रही है। ऐसे में पुराने पेट्रोल वाहनों और बीएस-IV डीजल वाहनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। साथ ही निर्माण स्थलों और डंपिंग यार्ड से निकलने वाले ठोस, निर्माण और खतरनाक कचरे का समय पर और नियमित रूप से उठाव सुनिश्चित किया जाएगा।
लोगों से सिटीजन चार्टर अपनाने की अपील
उप-समिति ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘सिटीजन चार्टर’ को अपनाएं और प्रदूषण कम करने की दिशा में सहयोग करें। इसमें निजी वाहनों का कम इस्तेमाल, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और खुले में कचरा जलाने से परहेज़ जैसे सुझाव शामिल हैं। यह संयुक्त प्रयास ही राजधानी की हवा को शुद्ध बना सकता है।
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Ms. Pooja, |
